श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कल अहम बैठक पर देश भर की निगाहें, चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर होगा फैसला

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार, 6 जुलाई को होने वाली बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। दोपहर तीन बजे अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला सबसे अहम मुद्दा रहेगा। इसके साथ ही मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में सुधार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है।

Jul 5, 2026 - 18:02
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कल अहम बैठक पर देश भर की निगाहें, चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर होगा फैसला

बैठक का सबसे अहम मुद्दा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे हैं। दोनों ने हालिया विवाद के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़ने की पेशकश की थी। अब ट्रस्ट के सदस्य तय करेंगे कि इन इस्तीफों को स्वीकार किया जाए या उन्हें जिम्मेदारी पर बनाए रखा जाए। इस निर्णय को लेकर धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी गहरी उत्सुकता बनी हुई है।

बैठक में चढ़ावे की गणना और उससे जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा सकती है। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ट्रस्ट आगे की कार्रवाई, जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने के लिए नए प्रावधानों पर विचार कर सकता है।

सूत्रों के अनुसार बैठक में मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा होगी। इसी क्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद सृजित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन रह सकता है। यदि ट्रस्ट इस दिशा में सहमति बनाता है तो राम मंदिर के दैनिक प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन के लिए एक पेशेवर व्यवस्था विकसित करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जाएगा।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय विवरण, बैलेंस शीट और अन्य वित्तीय अभिलेखों के अनुमोदन का विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल है। ट्रस्ट भविष्य की कार्यप्रणाली, वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय ले सकता है।

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद यह पहली बड़ी बैठक है। इसलिए श्रद्धालुओं से लेकर राजनीतिक और सामाजिक वर्ग तक सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रस्ट चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर क्या फैसला करता है और मंदिर प्रबंधन को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने के लिए कौन-कौन से नए कदम उठाए जाते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor