नगर निकायों को ताकत, महापौरों को पूरे अधिकार, चंडीगढ़ में सांसद नवीन जैन ने रखा ‘5 साल’ का फॉर्मूला

चंडीगढ़ में अखिल भारतीय महापौर परिषद की 118वीं बैठक में देशभर के महापौरों ने नगरीय विकास और नगर निकायों को सशक्त बनाने पर मंथन किया। राज्यसभा सांसद एवं परिषद के पूर्व अध्यक्ष नवीन जैन ने महापौरों के लिए समान पांच वर्ष का कार्यकाल, स्पष्ट अधिकार-जिम्मेदारियां और 74वें संविधान संशोधन को प्रभावी ढंग से लागू करने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि मजबूत नगर निकाय ही मजबूत शहरों और विकसित भारत की आधारशिला बन सकते हैं।

Oct 6, 2026 - 19:27
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नगर निकायों को ताकत, महापौरों को पूरे अधिकार, चंडीगढ़ में सांसद नवीन जैन ने रखा ‘5 साल’ का फॉर्मूला
चंडीगढ़ में अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक में शामिल राज्यसभा सांसद एवं अभा महापौर परिषद के पूर्व अध्यक्ष नवीन जैन सहित देशभर से जुटे महापौर।

चंडीगढ़ में अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक में नगरीय विकास और सुशासन पर मंथन, 74वें संविधान संशोधन को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर

चंडीगढ़। शहरों के बदलते स्वरूप, बढ़ती आबादी और नागरिक सुविधाओं की बढ़ती जरूरतों के बीच देशभर के नगर निकायों को अधिक अधिकार, संसाधन और जवाबदेही देने की मांग एक बार फिर प्रमुखता से सामने आई। चंडीगढ़ में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 118वीं बैठक में देशभर से जुटे महापौरों और जनप्रतिनिधियों ने नगरीय विकास, जनसुविधाओं, सुशासन और नगर निकायों के सशक्तीकरण को लेकर व्यापक मंथन किया। दो दिवसीय बैठक के खुले अधिवेशन में राज्यसभा सांसद एवं अखिल भारतीय महापौर परिषद के पूर्व अध्यक्ष नवीन जैन ने भी सहभागिता करते हुए महापौरों के अधिकार बढ़ाने और नगर निकायों को मजबूत बनाने की पैरवी की।

चंडीगढ़ के होटल माउंट व्यू में आयोजित खुले अधिवेशन का शुभारंभ पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया। राज्यपाल, परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता और नवीन जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर अधिवेशन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न नगर निगमों के महापौरों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने शहरों में किए जा रहे विकास कार्यों, सफल प्रयोगों और नगरीय प्रशासन से जुड़े अनुभव साझा किए।

नगर निकाय मजबूत होंगे तभी शहरों का होगा समग्र विकास

अधिवेशन को संबोधित करते हुए नवीन जैन ने कहा कि नगर निकायों को मजबूत किए बिना शहरों के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि महापौर और नगर निकाय सीधे नागरिकों से जुड़े होते हैं। शहर में सड़क, सफाई, पेयजल, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था में नगर निकायों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों और समस्याओं का सीधा संबंध नगर निकायों से है तो उन्हें पर्याप्त वित्तीय संसाधन, प्रशासनिक अधिकार और आधुनिक तकनीकी सहयोग भी मिलना चाहिए। अधिकार और जिम्मेदारी के बीच संतुलन कायम किए बिना नगर निकायों से बेहतर परिणाम की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। सांसद नवीन जैन ने कहा कि देश के अलग-अलग शहरों की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां अलग हैं। ऐसे में विभिन्न नगर निगमों द्वारा किए जा रहे सफल प्रयोगों को एक-दूसरे के साथ साझा करने की जरूरत है। किसी एक शहर में सफल रही व्यवस्था को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप दूसरे शहरों में भी लागू किया जा सकता है। इससे नगरीय प्रशासन में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।

महापौरों के लिए पूरे पांच साल के कार्यकाल की पैरवी

बैठक में सांसद नवीन जैन ने महापौरों के कार्यकाल, अधिकार और जिम्मेदारियों में एकरूपता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने देशभर में महापौरों के लिए समान पांच वर्ष के कार्यकाल की व्यवस्था किए जाने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में महापौरों के कार्यकाल और अधिकारों में अंतर होने से नगरीय नेतृत्व की प्रभावशीलता प्रभावित होती है। यदि महापौर को जनता ने चुनकर जिम्मेदारी सौंपी है तो उसे पर्याप्त समय, स्पष्ट अधिकार और जिम्मेदारियां भी मिलनी चाहिए, ताकि वह शहर के लिए दीर्घकालिक योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सके। उन्होंने महापौरों के अधिकार और जिम्मेदारियां भी देशभर में एक समान और स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता बताई। उनके मुताबिक, मजबूत और प्रभावी नगरीय नेतृत्व के लिए महापौर को केवल औपचारिक पद तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका दी जानी चाहिए।

74वें संविधान संशोधन को प्रभावी बनाने पर जोर

सांसद नवीन जैन ने 74वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक रूप से सशक्त बनाने का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उन्हें वास्तविक अधिकार और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगमों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों को निर्णय लेने की अधिक शक्ति दिए जाने की आवश्यकता है। शहरों की स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर तेजी से हो सके, इसके लिए महापौर और नगर निकायों को पर्याप्त अधिकार मिलना जरूरी है।

'मजबूत नगर निकाय ही मजबूत शहरों की आधारशिला'

नवीन जैन ने कहा कि मजबूत नगर निकाय ही मजबूत शहरों की आधारशिला हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देश के शहरों को मजबूत बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महापौरों की शक्ति बढ़ाने के साथ उन्हें पर्याप्त अधिकार और संसाधन उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को भी आवश्यक बताया। उनके अनुसार, शहर के विकास की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक तंत्र के बीच तालमेल जरूरी है। यदि दोनों एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम करें तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सकती है और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

देशभर के शहरों के सफल मॉडल साझा करने पर जोर

बैठक में महापौरों ने अपने-अपने शहरों के अनुभव साझा करते हुए नगरीय प्रशासन में नई तकनीक, बेहतर कचरा प्रबंधन, जल निकासी, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और नागरिक सेवाओं को लेकर किए जा रहे प्रयोगों पर चर्चा की। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि सफल नगरीय मॉडलों को केवल संबंधित शहर तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें देश के दूसरे नगर निकायों तक भी पहुंचाया जाए। अधिवेशन का मूल संदेश यही रहा कि शहरों की बदलती जरूरतों के अनुरूप नगर निकायों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाया जाए। इसके लिए महापौरों को स्पष्ट अधिकार, पर्याप्त संसाधन और प्रभावी कार्यकाल देने के साथ देशभर के नगर निकायों के बीच अनुभवों और बेहतर कार्यप्रणालियों का व्यापक आदान-प्रदान किया जाए।

अधिवेशन में अखिल भारतीय महापौर परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं करनाल की महापौर रेणु बाला गुप्ता, चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी, परिषद के महासचिव आशुतोष वार्ष्णेय, पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री किरण खेर सहित देशभर से आए विभिन्न नगर निगमों के महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।