वकीलों के लिए ‘गिद्ध’ शब्द को लेकर विवाद: विकास दिव्यकीर्ति पर आगरा में आपराधिक मानहानि का मुकदमा

आगरा। दृष्टि आईएएस के प्रबंध निदेशक विकास दिव्यकीर्ति की ओर से अधिवक्ताओं के लिए ‘गिद्ध’  शब्द के इस्तेमाल पर कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने आगरा की एसीजेएम-10 अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दाखिल किया है, जिसे न्यायालय ने प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Jul 15, 2025 - 19:57
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वकीलों के लिए ‘गिद्ध’ शब्द को लेकर विवाद: विकास दिव्यकीर्ति पर आगरा में आपराधिक मानहानि का मुकदमा

अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में विकास दिव्यकीर्ति ने कथित तौर पर न केवल अधिवक्ताओं को ‘गिद्ध’ कहा, बल्कि हाईकोर्ट और जिला न्यायाधीशों के लिए भी असम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया है।

वीडियो में दिव्यकीर्ति कहते हैं – हाईकोर्ट में 50% जज सीधे अधिवक्ता नियुक्त होते हैं, जिसके लिए बहुत जुगाड़ चाहिए, वैकेंसी 2-3 साल में एक आती है और गिद्ध 500 होते हैं। साथ ही उन्होंने कहा- डिस्ट्रिक्ट जज, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को डांट सकता हैष डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अकेले में डांट खा भी लेता होगा। डिस्ट्रिक्ट जज पावरफुल है, लेकिन डीएम जितना नहीं। न्यायपालिका की सारी ताकत इस भरोसे पर है कि एसपी मेरी बात मानेगा। जज बोलेगा कि अरेस्ट करो, एसपी बोले- नहीं खुद ही कर लो तो सारी ताकत खत्म हो जाती है।

एसपी फोन करते हैं और बेल नहीं मिलती

विकास दिव्यकीर्ति के वीडियो में आगे कहते हैं- बड़ी सिंपल सी बात है कि एसपी है। उसने एक अपराधी को पकड़ा और वह कल जमानत के लिए जा रहा है। बहुत तगड़ा वकील लेकर गया है दिल्ली से और एसपी को पता है कि इसे छोड़ना ठीक नहीं रहेगा। मैंने सुना है कि एसपी साहब रात को डीजे साहब को फोन कर देते हैं। सर ऐसा मामला है कि बहुत ही खतरनाक क्रिमिनल है। हमारे पास एविडेन्स है। आई रिक्वेस्ट यू प्लीज डोंट गिव हिम बेल जनरली। उसके बाद बेल नहीं मिलती।

न्यायिक मर्यादा के उल्लंघन का आरोप

परिवादी अधिवक्ता ने यह भी कहा कि विकास दिव्यकीर्ति की उक्त भाषा माननीय न्यायपालिका की मर्यादा के प्रतिकूल है और उससे अधिवक्ताओं की गरिमा को ठेस पहुँची है। इसलिए उन्होंने अदालत से इस विषय में विधिक कार्यवाही की मांग की।

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवाद को प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज कर लिया है।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मौजूदगी में सुनवाई

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश सिकरवार, एसपी सिंह सिकरवार और राहुल सोलंकी न्यायालय में उपस्थित रहे। सभी अधिवक्ताओं ने इस वीडियो के कथ्य को आपत्तिजनक बताया और कहा कि यह पूरे अधिवक्ता समुदाय की छवि धूमिल करने का प्रयास है।

SP_Singh AURGURU Editor