इटावा का कथावाचक प्रकरणः जातीय तनाव ने लिया सियासी मोड़, सपा-भाजपा एक-दूसरे पर हमलावर

इटावा। बकेवर थाना क्षेत्र के दंदरपुर गांव में दो यादव कथा वाचकों के साथ कथावाचन के दौरान जातिगत अपमान और मारपीट की घटना सिर्फ दो समुदायों के बीच का विवाद नहीं रही, अब यह एक राजनीतिक और सामाजिक टकराव का स्वरूप ले चुकी है। जहां एक ओर पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर दो प्रमुख दल भाजपा और सपा इस प्रकरण को लेकर एक-दूसरे पर प्रहार कर रहे हैं। जातीय सौहार्द और राजनीतिक संतुलन के लिए आने वाले दिन प्रशासन व समाज दोनों के लिए परीक्षा की घड़ी साबित होने वाले हैं।

Jun 27, 2025 - 21:15
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इटावा का कथावाचक प्रकरणः जातीय तनाव ने लिया सियासी मोड़, सपा-भाजपा एक-दूसरे पर हमलावर

आरोप है कि कथावाचकों मुक्त मणि सिंह यादव और संत सिंह यादव के साथ कथित रूप से ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने न केवल जाति पूछी, बल्कि कथावाचन पर आपत्ति जताते हुए जबरन उनका सिर मुंडवाया और मारपीट की। इसके विपरीत दूसरा पक्ष आरोप लगा रहा है कि कथावाचक ने खाने खाते समय परिवार की एक महिला का हाथ पकड़ लिया था।

इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आशीष तिवारी, उत्तम कुमार अवस्थी, निक्की अवस्थी और मनु दुबे को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। बात बिहार तक पहुंच गई, जहां तेजस्वी यादव ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

कथित अपमान के विरोध में ही अहीर रेजीमेंट नामक संगठन चलाने वाले गगन यादव ने इटावा पहुंचने का आह्वान किया था। गगन यादव को तो पुलिस ने आगरा में ही रोक लिया था, लेकिन उनके आह्वान पर बड़ी संख्या में लोग दंदरपुर गांव की ओर कूच करने के लिए जुट गए। लोग आगे बढ़े तो पुलिस ने रोका। इसी दौरान टकराव के हालात भी बने। 

प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और करीब 19 लोगों को हिरासत में ले लिया। भीड़ के पास मौजूद 13 वाहनों को जब्त किया गया। हालांकि पुलिस ने गोली चलाने से इनकार किया है, लेकिन स्थानीय लोग हवाई फायरिंग की बात कह रहे हैं।

अखिलेश और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप

कल की घटना के बाद दो समुदायों के बीच के इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यह साजिश भाजपा की है जो यादव उपनाम का दुरुपयोग कर रही है और बाहर से भीड़ बुलाकर यूपी में जातीय वैमनस्य फैला रही है।
अखिलेश ने इसे पीडीए  (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वर्ग के खिलाफ साजिश बताते हुए भाजपा को घुसपैठिया राजनीति करने वाला करार दिया।

वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले में आज सपा पर प्रहार किए। सीएम ने कहा कि इनकी पिछली सरकारों में भी प्रदेश को जातीय संघर्ष में झोंका जाता था। अब भी यही प्रयास कर रहे हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि सपा नेता अपनी विफल राजनीति को जीवित रखने के लिए जातीय तनाव को हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा को उकसाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

सपा के कार्यकर्ता भी हिरासत में, सपा की स्थिति असहज

प्रशासन के मुताबिक, मौके से हिरासत में लिए गए कुछ लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े पाए गए हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के भीड़ से पल्ला झाड़ने की कोशिशों पर सवाल उठ रहे हैं।

भीड़ जुटाने में सक्रिय गगन यादव जैसे स्थानीय नेताओं ने सपा नेतृत्व के रवैये पर नाराजगी जताई है और 2027 के विधानसभा चुनावों की याद दिलाते हुए चेताया है कि सामाजिक विश्वास को नजरअंदाज करना पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

SP_Singh AURGURU Editor