‘एक शाम मुस्कराहटों के नाम’: आगरा में सुरेंद्र शर्मा और शंभू शिखर ने कविताओं से महफिल लूटी
आगरा के बिचपुरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत चौहटना में रात हंसी और कविताओं से सजी रही। ‘एक शाम मुस्कराहटों के नाम’ कार्यक्रम में मशहूर कवि पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा और चर्चित हास्य व्यंग्यकार शंभू शिखर ने अपनी लाजवाब प्रस्तुति से दर्शकों की तालियां बटोरीं। इस कार्यक्रम ने सजावट, साउंड और मंच संचालन के लिहाज से भी हर किसी को प्रभावित किया।
आगरा। ठंडी हवाओं के बीच बिचपुरी ब्लॉक के चौहटना गांव में ‘एक शाम मुस्कराहटों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन एक स्थानीय रियल एस्टेट कंपनी के प्रोजेक्ट स्थल पर हुआ, जहां गांव जैसा सुकून और शहर जैसा रंगीन आयोजन देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण रहे पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा और व्यंग्यकार शंभू शिखर, जिन्होंने अपने अनोखे अंदाज में ठहाकों और तालियों की बरसात करा दी।
पहले मंच पर आए शंभू शिखर, जिन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में हास्य की फुहारें उड़ाईं। मंच पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, मैं एक बार टाइटन घड़ी वाले कार्यक्रम में गया था, तो उन्होंने मुझे घड़ी दी थी। अब यह रियल एस्टेट वाला कार्यक्रम है, तो क्या यहां प्लॉट मिलेगा?
उनकी इस बात पर पूरा दर्शक वर्ग ठहाकों से गूंज उठा। आयोजकों ने भी मंच पर बैठे बिना जवाब दिया- प्लॉट देने को तैयार हैं, लेकिन शर्त यह है कि आपको यहीं मकान बनाकर रहना होगा। इस चुटकी का जवाब शंभू शिखर के पास भी नहीं था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शर्तों के साथ भेंट नहीं चाहिए।
इसके बाद मंच पर आए पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, जिन्होंने अपनी पुरानी मगर अनमोल रचनाओं से श्रोताओं को बांधे रखा। उनकी बेहतरीन लाइनें- चाहे वो ‘श्याम रंग’ हो या ‘शादी के बाद की सच्चाई’ हर बार की तरह दर्शकों के दिल में उतर गईं।
ठंड के शामियाने तले करीब दो घंटे तक हास्य, व्यंग्य और कविताओं की महफिल सजी रही। आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि संचालित मंच और सजावट ने कार्यक्रम की सुंदरता को और बढ़ा दिया।
शहर से दूर गांव की चौपाल पर ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आगरा के साहित्यिक रसिकों के लिए एक यादगार शाम बनकर उभरीं।