फतेहपुर सीकरी केस: 3 अक्टूबर को सबूत होंगे पेश, हिन्दू सभ्यता के प्रमाणों पर टिके हैं दावे

आगरा। अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-5 की अदालत में विचाराधीन बहुचर्चित फतेहपुर सीकरी केस संख्या 1049/2024 की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। इस दौरान वादी पक्ष सबूत दाखिल करेगा, जिनमें ऐतिहासिक और पुरातात्विक प्रमाणों के आधार पर यह दावा किया जाएगा कि फतेहपुर सीकरी मूलतः सिकरवार राजाओं द्वारा बसाया गया हिन्दू शहर था।

Sep 4, 2025 - 14:01
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फतेहपुर सीकरी केस: 3 अक्टूबर को सबूत होंगे पेश, हिन्दू सभ्यता के प्रमाणों पर टिके हैं दावे

फतेहपुर सीकरी की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े इस बहुचर्चित मुकदमे की सुनवाई अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-5 की अदालत में हुई। मामला अजय प्रताप सिंह बनाम केके मोहम्मद आदि शीर्षक से विचाराधीन है। अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि 3 अक्टूबर तय की है।

वादी पक्ष का दावा

वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि आगामी सुनवाई में फतेहपुर सीकरी से संबंधित महत्वपूर्ण सबूत दाखिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीकरी मूल रूप से सिकरवार राजाओं द्वारा बसाया गया शहर है। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, बाबर ने राणा सांगा के विरुद्ध अपना कैम्प सीकरी झील पर लगाया था।

एएसआई उत्खनन से मिले प्रमाण

एडवोकेट अजय प्रताप सिंह ने यह भी बताया कि वर्ष 1999-2000 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तत्कालीन अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. धर्मवीर शर्मा के निर्देशन में बीर छबीली टीले का उत्खनन कराया गया था। इस उत्खनन में वर्ष 1010 ई० की जैन सरस्वती की मूर्ति सहित अनेक हिन्दू सभ्यता के प्रमाण मिले थे। वादी पक्ष का कहना है कि ऐसे अनेक साक्ष्य मौजूद हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि फतेहपुर सीकरी मूलतः हिन्दू नगरी थी।

अदालत में मौजूदगी

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश सिकरवार, अधिवक्ता एसपी सिंह सिकरवार तथा विपक्षी अधिवक्ता विवेक शर्मा (केके मोहम्मद की ओर से) उपस्थित रहे। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली तिथि 3 अक्टूबर निर्धारित की है।

अब निगाहें अगली सुनवाई पर

अगली तारीख पर वादी पक्ष द्वारा सबूत पेश किए जाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह सबूत मुकदमे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

SP_Singh AURGURU Editor