तालाब में घुसा पांच फुट का मगरमच्छ, एटा के मरथरा गांव में मचा हड़कंप
आगरा/एटा। एटा जिले के मरथरा गांव के तालाब में मगरमच्छ देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और आगरा से वाइल्डलाइफ एसओएस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और करीब 5 फुट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। बाद में उसे चंबल नदी में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
-वाइल्डलाइफ एसओएस और वन विभाग ने सफलतापूर्वक किया रेस्क्यू
मरथरा गांव के तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना जैसे ही फैली, ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने वन विभाग को इसकी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन अधिकारियों ने वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पांस यूनिट को उनकी आपातकालीन हेल्पलाइन (+91 9917109666) पर संपर्क किया।
वाइल्डलाइफ एसओएस की तीन सदस्यीय टीम आवश्यक उपकरणों और पिंजरे के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने तालाब की स्थिति का आकलन करने के बाद पिंजरे को चारे के साथ सेट किया। घंटों इंतजार के बाद मगरमच्छ पिंजरे में आ गया और टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के बाद वाइल्डलाइफ एसओएस की पशु चिकित्सा टीम ने मगरमच्छ की चिकित्सीय जांच की। पूर्णतः स्वस्थ पाए जाने पर उसे चंबल नदी में छोड़ दिया गया, जो इस प्रजाति के लिए उपयुक्त प्राकृतिक आवास है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, यह घटना ग्रामीणों की जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया की मिसाल है। वन विभाग के सहयोग से यह सफल अभियान पूरा हुआ। डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी. ने कहा, मगरमच्छ पारिस्थितिक तंत्र के लिए आवश्यक हैं। हमारी टीमें ऐसे हर बचाव कार्य को सावधानी और पेशेवर तरीके से संभालती हैं।
एटा के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर श्री कमल कांत जैन ने कहा, यह संयुक्त प्रयास का नतीजा है। ग्रामीणों, वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की तत्परता से ही यह सुरक्षित रेस्क्यू संभव हो सका।