आरएसएस की शताब्दी पर आगरा में ध्वज प्रणाम और पथसंचलन, 72 जगह गूंजे भारत माता के जयकारे

आगरा। विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आगरा में ध्वज प्रणाम और पथसंचलन का भव्य आयोजन किया गया। संघ के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश धारण कर हाथों में दंड लिए घोष की धुन पर कदमताल करते हुए अनुशासन और शक्ति का प्रदर्शन करते दिखाई दिए। शहर के विभिन्न हिस्सों में हुए आयोजनों ने दशहरे की गरिमा को और बढ़ा दिया।

Oct 2, 2025 - 13:25
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आरएसएस की शताब्दी पर आगरा में ध्वज प्रणाम और पथसंचलन, 72 जगह गूंजे भारत माता के जयकारे
शहर की सड़कों पर कदमताल करते स्वयंसेवक।

आगरा। विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आगरा में ध्वज प्रणाम और पथसंचलन का भव्य आयोजन किया गया। संघ के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश धारण कर हाथों में दंड लिए घोष की धुन पर कदमताल करते हुए अनुशासन और शक्ति का प्रदर्शन करते दिखाई दिए। शहर के विभिन्न हिस्सों में हुए आयोजनों ने दशहरे की गरिमा को और बढ़ा दिया।

72 स्थानों पर पथसंचलन

आगरा शहर में एक साथ 72 जगहों पर पथसंचलन आयोजित किया गया। स्वयंसेवक गलियों और मुख्य सड़कों से होकर गुजरे। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारे गूंजे। जगह-जगह पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने ट्रैफिक व्यवस्था भी संभाली।

महारानी बाग में मुख्य आयोजन

मुख्य कार्यक्रम महारानी बाग स्थित पार्क में आयोजित शाखा में हुआ। यहां प्रांत प्रचारक धमेंद्र जी ने स्वयंसेवकों को संघ का इतिहास और महत्व बताया। उन्होंने कहा कि 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। आज संघ अपनी 100 वर्षों की यात्रा पूर्ण कर 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।

शाखा का महत्व और परंपरा

धमेंद्र जी ने कहा कि शाखा केवल बुजुर्गों के लिए नहीं है बल्कि इसमें छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं। शाखाओं में देशभक्ति की भावना जगाने के साथ-साथ संस्कारों की शिक्षा भी दी जाती है। यहां बच्चों और युवाओं को अनुशासन, कदमताल, घोष वादन और समाज सेवा के मूल्य सिखाए जाते हैं।

दंड प्रदर्शन और शस्त्र पूजन

शाखा के दौरान स्वयंसेवकों को दंड धारण कर कदमताल करने का अभ्यास कराया गया। घोष और ढोल की धुन पर किस प्रकार समन्वय के साथ कदम आगे बढ़ाए जाएं, यह भी सिखाया गया। इस अवसर पर शस्त्र पूजन का कार्यक्रम भी हुआ। शाखा में 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ स्वयंसेवक से लेकर 12 साल तक के बाल स्वयंसेवक शामिल हुए।

गलियों से गूंजे जयकारे

लोहामंडी स्थित बागअंता की गलियों से स्वयंसेवक अनुशासित पंक्तियों में गुजरे। पथसंचलन के दौरान भारत माता के जयकारे गूंजे और लोग घरों से बाहर निकलकर उनका स्वागत करने लगे। अशोक नगर, शहीद नगर सहित  और अन्य इलाकों में भी शाखाएं और पथसंचलन आयोजित हुए, जहां ध्वज प्रणाम और भारत माता की वंदना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।