पाक के 40 जवान मारे गए, कई एयरबेस हुआ तबाह
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव कम करने के लिए एक अहम सीजफायर समझौते पर सहमति बन गई है। इस समझौते की पहल पाकिस्तान की ओर से की गई, जिसे भारत ने अपनी शर्तों के साथ स्वीकार किया। यह सहमति दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) स्तर पर हुई। भारतीय डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने ड्रोन अटैक किया, जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह हुए और उनके 35-40 जवान और अफसर भी मारे गए।
भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमने कई आतंकी ठिकानों की पहचान की थी। लेकिन कई आतंकी ठिकाने डर की वजह से खाली हो गए थे। भारत ने काफी सोच-समझकर टारगेट तय किए। सेना ने आतंकी हमले का जवाब दिया। सेना ने पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा आतंकी स्ट्राइक में मारे गए। इसमें हाई वैल्यू टारगेट भी थे। हमने तीन बड़े आतंकियों को खत्म किया है। इसमें मुदस्सर खास, हाफिज जमील और यूसुफ अजहर शामिल हैं, जो आईसी814 के अपहरण और पुलवामा विस्फोट में शामिल थे।
उन्होंने बताया कि इसके तुरंत बाद पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया और हमारे दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया नागरिकों, आबादी के गांवों और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों की संख्या से स्पष्ट थी, जो दुर्भाग्य से उनके हमले में मारे गए, जिससे कई लोगों की दुखद मृत्यु हुई। भारतीय वायु सेना ने इन हमलों में इनमें से कुछ कैंपों पर हमला करके एक प्रमुख भूमिका निभाई और भारतीय नौसेना ने सटीक हथियारों के मामले में साधन उपलब्ध कराए। भारतीय वायु सेना के पास आसमान में मौजूद हथियार थे।
डीजी एयर ऑपरेशन एयर मार्शल ए के भारती ने बताया कि आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक में एयर टू सर्फेस गाइडेड एम्युनिशन का इस्तेमाल किया गया ताकि कोलेटरल डैमेज ना हो। एयरफोर्स ने मुरीदके और बहावलपुर में आतंकी ट्रेनिंग कैंप को सटीक निशाना बनाया। स्ट्राइक का मकसद अचीव हुआ। बहावलपुर में हाई वैल्यू टारगेट था। हमने प्रिसिजन स्ट्राइक की।
एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा, '8/9 मई की रात को बड़ी संख्या में अलग अलग वेब में ड्रोन आए। हमारा एयर डिफेंस पूरी तरह तैयार था। 7 की और 8 की रात को फर्क ये था कि 7 मई को ज्यादा ड्रोन थे पर 8 को ज्यादा कॉडकॉप्टर भी थे। ये जासूसी के लिए हो सकते थे और सिविलियंस को निशाना बनाने को लिए। हमने जवाब में फिर पाकिस्तान के मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद 9-10 मई की रात को पाकिस्तान ने सीमाओं के पार हमारे हवाई क्षेत्र में ड्रोन और विमान उड़ाए और कई सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के बड़े पैमाने पर असफल प्रयास किए।'
उन्होंने कहा, 'हमने पाकिस्तान के एयर बेस, कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम को पूरे बॉर्डर पर निशाना बनाया। हमारे पास उनके हर बेस को हर सिस्टम को टारगेट करने की क्षमता है। बस उन्हें सद्बुद्धि आए इसलिए हमने संतुलित एयर स्ट्राइक की।'
वाइस एडमिरल ए ए प्रमोद ने बताया पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेवी ने अपने एसेस्ट्स डिप्लॉय कर दिए थे। हमने अपनी ऑपरेशनल रेडिनोस के लिए समंदर में टेस्ट भी किए। नेवी ने पाकिस्तान की नेवी को डिफेंसिव पॉश्चर में रहने को मजबूर किया। वह पूरे टाइम अपने हार्बर में रहे।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान के डीजीएमओ से हॉटलाइन पर मैसेज आया। उन्होंने बात करने के लिए पूछा, हमने तय किया है बात करेंगे। दोपहर 3.35 पर हमारी बात हुई। शाम 5 बजे से सीजफायर के लिए राजी हुए। जो समझौता हुआ है उस पर हमने फिर 12 मई को बात करने का तय किया है। लेकिन पाकिस्तान आर्मी ने कुछ ही घंटे में समझौते का उल्लंघन किया, जिसका जवाब दिया गया। सीडीएस ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करने के लिए सेना को खुली छूट दी है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा ऑपरेशन सिंदूर का मकसद साफ था - आतंकवादियों और उनके योजनाकारों को सजा देना और उनके आतंकी नेटवर्क को खत्म करना। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से हमारे एयर फील्ड को निशाना बनाने की कोशिश की। हमने फेल किए। हमने अपना डिप्लॉयमेंट और मजबूत किया। आर्टिलरी फायर में पाकिस्तान के 35-40 सैनिकों का नुकसान हुआ।