आगरा के सीएमएस समेत चार चिकित्सकों ने भजनों से बांधा समां, रसखान समाधि पर भक्ति धारा
मथुरा। यहां के रसखान समाधि स्थल पर चल रहे सांझी महोत्सव-2025 की भजन संध्या में जब आगरा जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. खेमचंद धाकड़ समेत चार बड़े चिकित्सक-गायकों ने स्वर साधना की, तो तीन घंटे तक मुक्ताकाशीय मंच भक्तिरस से सराबोर रहा। उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जीएलए विश्वविद्यालय के संयुक्त आयोजन में प्रस्तुत भजनों और नृत्य ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
-उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जीएलए विश्वविद्यालय के संयुक्त सांझी महोत्सव में तीन घंटे तक शानदार भजन गायन
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव को समर्पित स्तुति “गुरुर ब्रह्मा, गुरुर विष्णु...” से हुआ। इसके पश्चात् दूरदर्शन की सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना चेतन शर्मा ने मनमोहक कथक प्रस्तुति देकर सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भजन संध्या में मुख्य गायक डॉ. खेमचन्द धाकड़ (सीएमएस, जिला अस्पताल आगरा) रहे। उनके साथ डॉ. सत्यवीर सिंह (एमबीबीएस, एमडी, डीएल) थे। डॉ. दुष्यन्त कुमार (एमबीबीएस, एमडी) जो केडी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं के अलावा डॉ. प्रेम सिंह (एमबीबीएस, एमएस – प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज कन्नौज) तथा प्रसिद्ध गायक धर्मवीर सिंह (पूर्व जिला समन्वयक, पंचायतराज विभाग) ने एक से बढ़कर एक शानदार भजन प्रस्तुत कर भक्ति रस की गंगा बहा दी।
संगीत सहयोग म्यूजिकल ग्रुप का नेतृत्व मुकेश कुमार ने दिया। उल्लेखनीय है कि सीएमएस डॉ. धाकड़ प्रति वर्ष आगरा की जनकपुरी रामबरात, ताज महोत्सव एवं अन्य बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर करते आए हैं।
भजनों में “लागी ऐसी लगन, मोरा हो गई मगन”, “घर-घर में सीता राम की धुन देनी है”, “मैंने मोहन को बुलाया, वो आना ही चाहिए”, “कन्हैया ले चल परली पार”, “चरिया झीनी रे झीनी”, “भज मन राम चरण सुखदाई”, “किसी से उनकी मंज़िल का पता पाया नहीं” और “जितना दिया सरकार ने मुझको, उतनी औकात नहीं” प्रमुख रहे। इन भजनों ने ऐसा समा बाँधा कि वातावरण देर रात तक भक्तिरस से सराबोर रहा और सभी श्रोता तन्मय होकर डूबते-उतराते रहे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, परिषद समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार, दूधनाथ सिंह यादव एवं सामाजिक कार्यकर्ता भावना शर्मा ने सभी चिकित्सक-गायक कलाकारों और कथक नृत्यांगना चेतन शर्मा का पटुका पहनाकर सम्मान किया।
भजन संध्या की सफलता ने सांझी महोत्सव को और अधिक रंगारंग और यादगार बना दिया।