आरएसएस के मंच से सत्ता, साधु और संगठन पर बेबाक संवाद
आगरा में आरएसएस के पुनर्निर्मित संघ कार्यालय माधव भवन के लोकार्पण समारोह में शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने सत्ता, राजनीति और साधुओं की भूमिका पर तीखे बयान दिए। उन्होंने सत्ता को समाज तोड़ने वाली बताया और संतों की राजनीति पर आपत्ति जताई। वहीं संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने स्वयंसेवकों को सामाजिक दायित्व निभाने, ब्रज संस्कृति के संरक्षण और ऐतिहासिक नायकों के सम्मान की दिशा में सक्रिय होने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संघ के बड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शंकराचार्य बोले–-सत्ता आदमी को पागल बना देती है
संघ के मंच से सत्ता पर प्रहार, साधुओं की राजनीति पर आपत्ति
संघ स्वयंसेवकों को मिला कर्तव्यबोध का संदेश
आगरा। आरएसएस के आगरा में ब्रज प्रांत के पुनर्निर्मित संघ कार्यालय माधव भवन के लोकार्पण अवसर पर आयोजित समारोह में शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज और संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल के तीखे और वैचारिक वक्तव्यों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा छेड़ दी।
शंकराचार्य का सत्ता और राजनीति पर तीखा प्रहार
शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने अपने संबोधन में जहाँ सत्ताशीन वर्ग पर कड़ा प्रहार किया, वहीं संघ से राजनीति में गए लोगों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “संघ से भाजपा में गए लोगों को सत्ता की हवा लग गई है। सत्ता समस्याओं को जोड़ती नहीं, बल्कि तोड़ती है।” उन्होंने सत्ता की तुलना करते हुए तीखा बयान दिया कि “राजसत्ता वेश्या समान है, जो उसे मिलती है उसे पागल कर देती है। सत्ता पाकर व्यक्ति यह तक चाहता है कि उसका पिता भी उसे नमस्कार करे।”
संतों की राजनीति पर असहमति, साधुओं को स्पष्ट संदेश
शंकराचार्य ने संतों और साधुओं के राजनीति में सक्रिय होने पर खुली असहमति जताई। उन्होंने कहा कि “आज बाबाओं के चुनाव लड़ने का फैशन बन गया है, मुझे तीन प्रकार के साधु बेहद खराब लगते हैं, पहला जो बैंक में लाइन लगाए,दूसरा जो रजिस्ट्री कराता हो और तीसरा जो लोकसभा या विधानसभा में बैठा हो। ऐसे साधुओं को भगवा चोला त्याग देना चाहिए।” उन्होंने दो टूक कहा कि संतों का कार्य समाज को दिशा देना है, न कि सत्ता की राजनीति करना।
संघ कार्यालय साधन नहीं, बौद्धिक साधना का केंद्र बने
शंकराचार्य ने संघ के वरिष्ठों को नसीहत देते हुए कहा कि “संघ कार्यालय साधन नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की लय और ताल होने चाहिए।” उन्होंने माधव भवन को लेकर अपेक्षा जताई कि यह हवादार महल नहीं बने, ठंडी हवा फेंकने वाला भवन न हो बल्कि बौद्धिकता का केंद्र बने, जहाँ से ज्ञान की आंधी निकले और सनातन चिंतन की धारा बहे। उन्होंने कहा कि संघ पर उठ रहे सवालों का जवाब भावनाओं से नहीं, बौद्धिक स्तर पर दिया जाना चाहिए।
‘आज विश्व सनातन चिंतन का मोहताज’- शंकराचार्य
शंकराचार्य ने कहा कि “आज विश्व में जो कुछ भी है, वह सनातन की जूठन है। वास्तविक चिंतन केवल हमारे पास है।” उन्होंने कहा कि आज लोग भाव नहीं, केवल भावनाएं समझते हैं। संघ को चाहिए कि वह बौद्धिकता के माध्यम से विरोधियों और विधर्मियों को मुँहतोड़ जवाब दे।
डॉ. कृष्ण गोपाल का स्वयंसेवकों को समाजिक दायित्व का संदेश
संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने अपने संबोधन में संघ के कार्यों और समय के साथ हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माधव भवन प्रचारकों के रहने का स्थान नहीं, बल्कि हिंदू समाज के जागरण का केंद्र है।
ब्रज संस्कृति, स्वास्थ्य और नशा मुक्ति पर विशेष जोर
डॉ. कृष्ण गोपाल ने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे ब्रज संस्कृति को आगे बढ़ाएं, बुद्धिजीवियों को इस पर शोध के लिए प्रेरित करें। आसपास की बस्तियों के स्वास्थ्य की चिंता करें। उन्होंने स्वास्थ्य, नशा मुक्ति और शिक्षा को लेकर व्यापक अभियान चलाने का आह्वान किया।
इतिहास के नायकों की उपेक्षा पर नाराजगी
डॉ. कृष्ण गोपाल ने आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक, फव्वारा क्षेत्र में वीर गोकुला जाट की प्रतिमा, फतेहपुर सीकरी में राणा सांगा का भव्य स्मारक अब तक न बनाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि “अब किस बात का इंतजार है? समाज पूछ रहा है।”
संघ का बड़ा लक्ष्य, राष्ट्रीय परिवर्तन का संकल्प
उन्होंने कहा कि आज देशभर में 90 हजार से अधिक शाखाएं लग रही हैं। संघ विविध सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। आज पूरी दुनिया भारत की संस्कृति, परिवार व्यवस्था और जीवनशैली का अध्ययन कर रही है। “हमें विश्व की मानसिक गरीबी दूर करनी है।”
कार्यक्रम में रहे प्रमुख लोग
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रचारक रामलाल, हरीश रौतेला, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, भाजपा पदाधिकारी एवं संघ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने किया, जबकि निर्माण समिति के अध्यक्ष विजय गोयल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।