परंपरा से तकनीक तक, 150वें स्वर्णिम वर्ष में नए रंगों से सजेगी आगरा की श्रीरामलीला
आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला इस वर्ष 149 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर अपने 150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए श्रीरामलीला कमेटी ने परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय के साथ भव्य आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर पर वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ का विमोचन किया गया। 25 सितंबर से शुरू होने वाले महोत्सव में 6 अक्टूबर को भव्य श्रीराम बारात और 20 अक्टूबर को रावण वध का आयोजन होगा। इस बार राम बारात की झांकियों के डिजाइन में एआई तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, जबकि प्राचीन परंपराओं को जीवंत करने के लिए हंडों की रोशनी में बैलगाड़ी पर झांकी निकालने की भी योजना है।
‘रामांजली’ का हुआ विमोचन, 25 सितंबर से शुरू होगा महोत्सव, 100 से अधिक झांकियां होंगी शामिल, राम बारात में दिखेगा एआई का अनूठा संगम
आगरा। आगरा की गौरवशाली सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की पहचान श्रीरामलीला इस वर्ष इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है। 149 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला अब अपने 150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार और अविस्मरणीय बनाने के लिए श्रीरामलीला कमेटी ने महोत्सव को इस बार विशेष रूप से भव्य, आकर्षक और आधुनिक स्वरूप देने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
आगामी 150वें वर्ष को देखते हुए विशेष आयोजनों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस वर्ष जहां सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को पूरी श्रद्धा के साथ संरक्षित किया जाएगा, वहीं आधुनिक तकनीक और नए प्रयोगों के जरिए युवा पीढ़ी को भी भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामलीला की महान परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
‘रामांजली’ का हुआ विमोचन
रविवार को रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर पर श्रीरामलीला कमेटी की वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ का विमोचन किया गया। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि श्रीरामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी महान संस्कृति, परंपराओं और आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि 150वें वर्ष में प्रवेश कर रही इस ऐतिहासिक रामलीला को विशेष और भव्य स्वरूप देने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस बार महोत्सव में परंपरा और आधुनिकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। वृंदावन की मंडली के कलाकार पारंपरिक श्रीरामलीला का मंचन करेंगे, जबकि आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुतियों को और अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को इस सांस्कृतिक धरोहर से भावनात्मक रूप से जोड़ना है।
25 सितंबर से शुरू होगा श्रीरामलीला महोत्सव
श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ में 25 सितंबर से शुरू होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव के दैनिक कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और मुकुट पूजन के साथ होगा। इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू हो जाएगी।
श्रीरामलीला महोत्सव का प्रमुख कार्यक्रम
25 सितंबर: अनंत चतुर्दशी एवं मुकुट पूजन के साथ शुभारंभ
26 सितंबर: मुकुट की सवारी
28 और 29 सितंबर: रावण की दुहाई की सवारियां
30 सितंबर: मंचीय श्रीरामलीला का शुभारंभ
6 अक्टूबर: भव्य और ऐतिहासिक श्रीराम बारात
20 अक्टूबर: रावण वध की लीला और विशाल रावण पुतले का दहन
रावण वध के अवसर पर आकर्षक और मनमोहक आतिशबाजी भी आयोजित की जाएगी। हर वर्ष की भांति इस बार भी श्रीरामलीला के मंचीय आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने की जिम्मेदारी भगवान दास बंसल और विष्णु दयाल बंसल निभाएंगे।
‘रामांजली’ में प्रकाशित हुआ श्रीराम वन गमन विशेषांक
वार्षिक पत्रिका ‘रामांजली’ अब केवल एक पत्रिका तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि श्रीराम और रामायण संस्कृति से जुड़े ज्ञान एवं शोध का महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती जा रही है। गत वर्षों में पत्रिका में आगरा के श्रीराम मंदिरों और 21 रामायणों पर विशेषांक प्रकाशित किए जा चुके हैं। इस वर्ष ‘रामांजली’ का प्रमुख आकर्षण ‘श्रीराम वन गमन विशेषांक’ है। विशेषांक में भगवान श्रीराम के वन गमन के दौरान आने वाले प्रमुख तीर्थ स्थलों तथा उनसे जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को विस्तार से प्रकाशित किया गया है। इस विशेषांक का संपादन एवं लेखन आदर्श नंदन गुप्ता ने किया है। इसके माध्यम से पाठकों को भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े विभिन्न पवित्र स्थलों और उनकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता की विस्तृत जानकारी मिलेगी।
राम बारात की झांकियों में एआई तकनीक का अभिनव प्रयोग
150वें स्वर्णिम वर्ष की ओर बढ़ रही आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला में इस बार कई नए और अभिनव प्रयोग किए जाएंगे। सबसे खास बात यह होगी कि श्रीराम बारात की झांकियों के डिजाइन तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। कमेटी का उद्देश्य झांकियों में नवीनता और आकर्षण लाना है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीराम बारात में सौ से अधिक झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ समाज को जागरूक करने वाले संदेश भी दिए जाएंगे। नेत्रदान, रक्तदान और अन्य सामाजिक सरोकारों पर आधारित झांकियां भी श्रीराम बारात का प्रमुख आकर्षण बनेंगी।
आधुनिकता के साथ दिखेगी प्राचीन राम बारात की झलक
आधुनिक तकनीक के प्रयोग के साथ-साथ श्रीराम बारात में आगरा की पुरानी और ऐतिहासिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करने की भी योजना है। कमेटी का प्रयास है कि यदि पुराने समय में उपयोग होने वाले हंडों की व्यवस्था हो जाती है तो उनकी पारंपरिक रोशनी में बैलगाड़ी पर झांकी निकाली जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को आधुनिकता के बीच पुराने समय की राम बारात का मनोहारी अनुभव भी मिल सकेगा। यह प्रयोग आगरा की पुरानी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी के सामने जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास होगा।
युवा पीढ़ी को श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने की पहल
श्रीरामलीला कमेटी का उद्देश्य केवल एक भव्य आयोजन करना नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और भारतीय संस्कृति से जोड़ना भी है। इसी उद्देश्य से इस वर्ष पारंपरिक श्रीरामलीला मंचन के साथ आधुनिक प्रस्तुति और तकनीक का समावेश किया जा रहा है। कमेटी का मानना है कि बदलते दौर में परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए आधुनिक माध्यमों का उपयोग जरूरी है।
ये रहे उपस्थित
‘रामांजली’ के विमोचन समारोह में उपाध्यक्ष विजय कुमार गोयल, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, संजय तिवारी, अजय गर्ग, राहुल गौतम, विनोद जौहरी, विष्णु दयाल बंसल, शैलेंद्र अग्रवाल, राकेश जैन, आयुष अग्रवाल, सौरभ गौतम, राहुल शर्मा, नितिन अग्रवाल, ऋषि गोयल, निक्की जौहरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।