बरेली में फर्जी आयुष्मान कार्ड से सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार, अस्पताल और सीएमओ कार्यालय से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में

-आरके सिंह- बरेली। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। थाना भोजीपुरा पुलिस ने जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज का झांसा देकर उनके आधार और राशन कार्ड में कूटरचना करने, फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार कराने और अपात्र लोगों का इलाज कराकर योजना की धनराशि हासिल करने वाले कथित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से सात मोबाइल फोन, 13 कूटरचित आयुष्मान कार्ड, छह कूटरचित आधार कार्ड, 22 कूटरचित राशन कार्ड की छायाप्रतियां और 2,700 रुपये बरामद किए हैं। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

Aug 19, 2026 - 20:52
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बरेली में फर्जी आयुष्मान कार्ड से सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार, अस्पताल और सीएमओ कार्यालय से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में
फर्जी आयुष्मान कार्ड से सरकारी पैसे को चुना लगाने के आरोप में गिरफ्तार अभियुक्त और इनके बारे में जानकारी देते पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा।

पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चन्द्र मिश्रा ने बुधवार को मीडिया को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आबिद और सलमान निवासी अभयपुर बैकुंठापुर, थाना भोजीपुरा, अरमान निवासी फरीदापुर परतापुर, थाना इज्जतनगर, अफरोज निवासी रमपुरा माफी, थाना भोजीपुरा और देशराज निवासी वसुधरन जागीर, थाना देवरनिया के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि पांचों आरोपियों को बुधवार सुबह अभयपुर से प्रह्लादपुर जाने वाले रास्ते पर राममूर्ति अस्पताल के बॉयज हॉस्टल के पीछे ट्यूबवेल के पास से गिरफ्तार किया गया।

मुफ्त इलाज का झांसा देकर लेते थे दस्तावेज

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज कराने का प्रलोभन देकर उनसे रुपये लेते थे। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा का फायदा उठाकर आरोपी लोगों के आधार और राशन कार्ड हासिल करते थे। इसके बाद इनमें फर्जी तरीके से नाम-पते दर्ज कर उनके आधार पर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार कराए जाते थे।

फर्जी कार्ड से अपात्रों का इलाज कराने का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी बरेली के राममूर्ति अस्पताल, भोजीपुरा तथा अन्य अस्पतालों के कुछ कर्मचारियों से कथित मिलीभगत कर फर्जी आयुष्मान कार्ड के जरिए अपात्र लोगों का इलाज कराते थे। इसके बाद योजना के तहत सरकार से धनराशि प्राप्त की जाती थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह प्रत्येक फर्जी कार्ड के आधार पर इलाज कराने वाले व्यक्ति से करीब 35 हजार से 40 हजार रुपये तक लेता था और रकम आपस में बांटता था।

अस्पताल कर्मचारी और सीएमओ कार्यालय से जुड़े व्यक्ति की भूमिका जांच में

पुलिस इस मामले में राममूर्ति अस्पताल, भोजीपुरा के कर्मचारी नितिन तथा मुरादाबाद निवासी नरेश की भूमिका की भी जांच कर रही है। नरेश के संभल के सीएमओ कार्यालय में कार्यरत बताए जाने की बात पुलिस ने कही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार कराने और इनके जरिए इलाज कराने में इन लोगों की क्या भूमिका रही है।

तहरीर के बाद खुला फर्जीवाड़े का मामला

मामला 18 अगस्त को नवाबगंज थाना क्षेत्र के देवरनिया जागीर निवासी एक व्यक्ति की तहरीर पर दर्ज किया गया था। तहरीर में आरोप लगाया गया कि गिरोह ने उसकी और उसकी पुत्री के आधार कार्ड में कूटरचना कर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किए। इसके बाद उसकी पुत्री का ऋषिकेश के एक अस्पताल में उपचार नहीं हो सका। फर्जी आयुष्मान कार्ड की जानकारी होने पर जब उसने आरोपियों से रुपये वापस मांगे तो कथित तौर पर उसे गुमराह किया गया।

भोजीपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किए और इनके जरिए सरकारी योजना की धनराशि का कितना कथित दुरुपयोग किया गया।

आबिद का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी आबिद का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ प्रेमनगर और भोजीपुरा थानों में मामले दर्ज हैं। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और इसके नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।

SP_Singh AURGURU Editor