शंखनाद-3 में गीता का महायज्ञ: 28 हज़ार छात्रों की परीक्षा, 300 से अधिक विजेता आगरा में 14 दिसम्बर को होंगे सम्मानित, मुस्लिम स्टूडेंट्स ने भी पढ़ा गीता सार

आगरा में पहली बार होगा इतना विराट सांस्कृतिक समागम। 200 स्कूल और 28 हज़ार विद्यार्थी, तीन चरणों की परीक्षा और अब परिणाम का महामंच ‘शंखनाद-3’। इस्कॉन (अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ) द्वारा आयोजित गीता ओलम्पियाड का पुरस्कार वितरण समारोह 14 दिसम्बर को सूरसदन में होगा, जहां 15 मेगा अवॉर्ड्स के साथ 300 से अधिक बच्चों पर उपहारों की बौछार होगी। खास बात यह कि मुस्लिम विद्यार्थियों ने भी गीता सार पढ़कर परीक्षा में हिस्सा लिया और संस्कृति के एक नए आयाम को छुआ।

Dec 9, 2025 - 18:48
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शंखनाद-3 में गीता का महायज्ञ: 28 हज़ार छात्रों की परीक्षा, 300 से अधिक विजेता आगरा में 14 दिसम्बर को होंगे सम्मानित, मुस्लिम स्टूडेंट्स ने भी पढ़ा गीता सार
इस्कॊन द्वारा आयोजित गीता ओलम्पियाड के पुरस्कार वितरण समारोह शंखनाद-3 के आमंत्रण पत्र का विमोचन करते इस्कॊन आगरा के अध्यक्ष अरविंद प्रभु, समाजसेवी नितेश अग्रवाल और अन्य सहयोगी।

आगरा। इस्कॉन द्वारा आयोजित मेगा यूथ फेस्ट-2025 ‘शंखनाद-3’ का सबसे महत्वपूर्ण चरण 14 दिसम्बर को सूरसदन में आयोजित होने जा रहा है, जिसमें 200 स्कूलों के 28 हज़ार प्रतिभागियों में से चयनित 300 से अधिक बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें शीर्ष 15 विद्यार्थियों को बड़े पुरस्कार दिए जाएंगे, जबकि बाक़ी को सांत्वना पुरस्कार मिलेंगे।

कार्यक्रम में इस्कॉन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवकीनंदन प्रभु और स्कॉन यूथ फोरम के अध्यक्ष सुन्दरगोपाल प्रभु विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन आगरा के डॊ. आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशू रानी करेंगी तथा मुख्य वक्ता प्रबोधानन्द सरस्वती महाराज होंगे।

युवा पीढ़ी के मानसिक तनाव का समाधान है गीता की शिक्षा: इस्कॉन अध्यक्ष

कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में आयोजित आमंत्रणपत्र विमोचन कार्यक्रम में इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि
आज के युवा ओवरथिंकिंग, तनाव और डिप्रेशन की गिरफ्त में तेजी से फंस रहे हैं। गीता एकमात्र ऐसा जीवन-मंत्र है जो इन अदृश्य मानसिक वायरसों से मुक्ति दिला सकता है।

उन्होंने बताया कि इस्कॉन द्वारा शहर के स्कूलों में छात्रों को केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि नैतिक, सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों की दिशा में भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।

मुस्लिम विद्यार्थी भी हुए शामिल: गीता सार ने जोड़ा दिलों को

कार्यक्रम में यह तथ्य सबसे प्रेरणादायक रहा कि परीक्षा में मुस्लिम विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, गीता सार को पढ़ा और समझा। आयोजकों ने इसे समाजिक सौहार्द का संदेश बताया।

परिवार टूट रहे, कलह बढ़ रही… समाधान है गीता- नितेश अग्रवाल

आयोजन समिति के सदस्य नितेश अग्रवाल ने कहा कि अगर अभी हमारी युवा पीढ़ी को संस्कारों और संस्कृति से नहीं जोड़ा गया, तो आगे जाकर परिवार टूटेंगे, कलह बढ़ेगी, तलाक, अकेलापन और वृद्धाश्रम की समस्याएँ और गंभीर होंगी। गीता ओलम्पियाड इसी दिशा में एक छोटा मगर अत्यंत प्रभावी प्रयास है।

28 हजार बच्चों को स्कूलों में पढ़ाया गया गीता सार

इस्कॉन की अदिति गौरांगी ने बताया कि अगस्त से नवंबर 2025 तक 200 स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 28,000 विद्यार्थियों को गीता सार पढ़ाया गया। गीता क्लास के एक सप्ताह बाद उनकी लिखित परीक्षा ली गई। उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए गए। स्कूलों से इतर जिन बच्चों या अभिभावकों ने गीता सीखने की इच्छा जताई, उनके लिए ऑनलाइन क्लासेस भी संचालित की जा रही हैं।

कार्यक्रम में शैलेन्द्र अग्रवाल, आशू मित्तल, सुनील मनचंदा, संजय कुकरेजा, राकेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सुशील ग्रवाल, संजीव मित्तल, प्रिया विश्वास, स्वीटी, शाश्वत नंदलाल, विश्वरूप प्रभु, हितेश, नमन सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor