सोना-चांदी क्रैश से मचा हड़कंपः निवेशकों का बंटाधार! एक झटके में चांदी 1 लाख रुपये लुढ़की, सोना भी 31 हजार रुपये टूट गया

एमसीएक्स पर सोना और चांदी शुक्रवार को ऐतिहासिक गिरावट का शिकार हुए, जहां चांदी एक ही दिन में एक लाख रुपये से अधिक टूटकर तीन लाख से नीचे आ गई और सोना भी बीस हजार रुपये से ज्यादा गिरकर डेढ़ लाख से नीचे पहुंच गया। मजबूत अमेरिकी डॉलर, मुनाफा वसूली और ओवरबॉट तकनीकी संकेतकों के कारण आई इस गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गया। हालांकि दाम घटते ही ज्वेलरी बाजार में खरीदारी बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पावधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में भू-राजनीतिक तनाव और औद्योगिक मांग के चलते कीमती धातुओं में फिर तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Jan 31, 2026 - 20:00
Jan 31, 2026 - 20:02
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सोना-चांदी क्रैश से मचा हड़कंपः निवेशकों का बंटाधार! एक झटके में चांदी 1 लाख रुपये लुढ़की, सोना भी 31 हजार रुपये टूट गया

आगरा। जिस तेज़ी ने सोने-चांदी को आसमान पर पहुंचाया था, उसी पर शुक्रवार को अचानक पावर ब्रेक लग गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर एक ही कारोबारी दिन में कीमती धातुओं में ऐसी ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया। चांदी एक दिन में 1 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा टूट गई, जबकि सोने में 31 हजार रुपये प्रति दस ग्राम से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। नतीजा यह रहा कि चांदी 3 लाख रुपये और सोना 1.50 लाख रुपये के नीचे आ गया।

एमसीएक्स पर गुरुवार को चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी। शुक्रवार को यह गिरकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। यानी एक ही दिन में 1,07,971 रुपये या करीब 27 प्रतिशत की गिरावट।
इसी तरह सोना गुरुवार को 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था, जो शुक्रवार को टूटकर 1,49,075 रुपये पर बंद हुआ।

यह गिरावट ऐसे समय आई है जब साल 2025 में इन धातुओं ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया था। सोने ने करीब 70 प्रतिशत और चांदी ने लगभग 170 प्रतिशत का रिटर्न दिया। विशेषज्ञों के अनुसार चांदी में यह गिरावट बीते 15 वर्षों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है।

तेज़ी से बनी तेजी, उतनी ही तेज गिरावट
विश्लेषकों का कहना है कि चांदी में हाल के महीनों में बेहद तेज़ उछाल आया था। 1 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंचने में चांदी को 14 महीने लगे, लेकिन 2 से 3 लाख तक सिर्फ 1 महीने में और 3 से 4 लाख तक पहुंचने में महज 10 दिन लगे। इतनी तेज़ बढ़त के बाद मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों ने गिरावट को और गहरा कर दिया।

डॉलर मजबूत, दबाव में कीमती धातुएं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को नया यूएस फेडरल चेयर नियुक्त किए जाने के बाद अमेरिकी डॉलर में मई 2023 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी मजबूती देखी गई। डॉलर इंडेक्स 97 के पार चला गया। मजबूत डॉलर का सीधा असर सोने-चांदी पर पड़ता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमतें डॉलर में तय होती हैं। डॉलर मजबूत होने से विदेशी मांग घटती है और कीमतों पर दबाव आता है। इसके अलावा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से बिना ब्याज वाली संपत्तियों, जैसे चांदी, का आकर्षण भी कम होता है।

ज्वेलरी बाजार में लौटी रौनक
तनिष्क आगरा के फ्रेंचाइजी अनुराग बंसल के अनुसार, गुरुवार रात भाव में आई तेज गिरावट के बाद शनिवार को ज्वेलरी की खरीदारी बढ़ गई। जिन लोगों ने शादी-सहालग के लिए अब तक गहने नहीं खरीदे थे, वे अब मनपसंद वजन और डिज़ाइन के गहनों में रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि बाजार अभी बेहद अनिश्चित है और सोमवार को भाव किस दिशा में जाएंगे, यह कहना जल्दबाज़ी होगी।

मांग-आपूर्ति और भविष्य का संकेत
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्लूजीसी) की रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में सोने की कुल मांग 11 प्रतिशत घटकर 710.9 टन रही। दिसंबर तिमाही में गहनों की मांग 23 प्रतिशत घटकर 145.3 टन रह गई, जबकि निवेश मांग 26 प्रतिशत बढ़कर 96 टन पहुंच गई। यह दर्शाता है कि ऊंचे दामों के बावजूद निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी अब रणनीतिक और औद्योगिक रूप से अहम धातु बन चुकी है। आपूर्ति में कमी और भू-राजनीतिक तनाव बने रहने पर लंबी अवधि में इसमें फिर तेजी संभव है, लेकिन अल्पावधि में भारी उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

Courtsey: nnmedia

SP_Singh AURGURU Editor