आगरा के प्रेम विद्यालय में प्रतिभाओं का महाकुंभः सीसीए प्रतियोगिताओं में रानी मैम ने छात्राओं में भरा आत्मविश्वास का जोश
आगरा। डीईआई प्रेम विद्यालय गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज के मिडिल सेक्शन में छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को नई उड़ान देने वाली तीन दिवसीय वार्षिक सह-पाठ्यक्रम गतिविधि (CCA) प्रतियोगिता श्रृंखला-2026 का गुरुवार को उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि श्रीमती प्रेम प्यारी दयाल ‘रानी मैम’ ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिताओं का उद्घाटन किया और छात्राओं को अनुशासन, आत्मविश्वास तथा निर्भीक होकर मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में लगभग 250 छात्राओं और 18 शिक्षिकाओं की सहभागिता रही।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती माला बल, सीसीए कोऑर्डिनेटर श्रीमती प्रीतम प्यारी, मिडिल सेक्शन की हिंदी शिक्षिका डॉ. रूपरानी, शिक्षिकाओं एवं विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
उद्घाटन के बाद पहले दिन हिंदी की विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं ने काव्य-पाठ, भाषण और अभिव्यक्ति कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके बाद संगीत-गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए विभिन्न विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से अनुभवी निर्णायकों को आमंत्रित किया गया।
मुख्य अतिथि श्रीमती प्रेम प्यारी दयाल ‘रानी मैम’ ने छात्राओं से संवाद करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी छात्र जीवन में सीसीए प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेती थीं। उन्होंने कहा कि "मंच पर आने वाला हर विद्यार्थी अपने आप में विजेता होता है।" हार-जीत की चिंता किए बिना पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास से भाग लेना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विशेष रूप से संकोची छात्राओं को आगे आने और निर्भीक होकर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया।
रानी मैम ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, सच्चाई और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। प्रतिभा तभी सार्थक होती है जब उसके साथ अच्छा आचरण और अनुशासित जीवन जुड़ा हो।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती माला बल ने कहा कि सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विद्यालय का प्रयास रहता है कि प्रत्येक छात्रा कम से कम दो प्रतियोगिताओं में भाग ले, जिससे उसकी छिपी हुई प्रतिभा सामने आ सके और आत्मविश्वास विकसित हो।
सीसीए कोऑर्डिनेटर श्रीमती प्रीतम प्यारी ने बताया कि विद्यालय में प्रतिवर्ष नृत्य, नाटक, संगीत, साहित्यिक गतिविधियां, फैंसी ड्रेस और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा मंच देना है, जहां वे खुलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
मिडिल सेक्शन की हिंदी शिक्षिका डॉ. रूपरानी ने कहा कि सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां केवल प्रतियोगिताएं नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करना भी सिखाती हैं। मंच पर आने से विद्यार्थियों की झिझक दूर होती है और उनमें नेतृत्व क्षमता व आत्मविश्वास विकसित होता है।
तीन दिवसीय प्रतियोगिता श्रृंखला के अंतर्गत 24 जुलाई को संस्कृत श्लोक गायन, अंग्रेजी कविता पाठ, कहानी वाचन, दिखाओ और बताओ, वेशभूषा प्रतियोगिता तथा एकल अभिनय प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जबकि 25 जुलाई को नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्सव के माहौल में डूबा रहा। छात्राओं ने पूरे उत्साह, उमंग और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं। तालियों की गूंज और रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को रचनात्मक ऊर्जा से भर दिया।