गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर निकला भव्य नगर कीर्तन, पुष्प वर्षा और कीर्तन से गूंजा आगरा शहर
आगरा। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर रविवार प्रातः आगरा शहर भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी दो नवम्बर की सुबह 4.30 बजे सभी गुरुद्वारों की प्रभात फेरियां एकत्रित होकर गुरुद्वारा श्री कलगीधर, सदर बाजार में पहुंचीं, जहां से भव्य नगर कीर्तन का शुभारंभ हुआ।
आगरा। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर रविवार प्रातः आगरा शहर भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी दो नवम्बर की सुबह 4.30 बजे सभी गुरुद्वारों की प्रभात फेरियां एकत्रित होकर गुरुद्वारा श्री कलगीधर, सदर बाजार में पहुंचीं, जहां से भव्य नगर कीर्तन का शुभारंभ हुआ।
नगर कीर्तन में समस्त गुरुद्वारों की संगतों ने गुरु नानक देव जी की महिमा का गुणगान करते हुए शब्द कीर्तन किया और गुरु महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रभात फेरी का यह दिव्य कारवां गुरुद्वारा श्री कलगीधर सदर बाजार से शुरू होकर शहर के प्रमुख गुरुद्वारों गुरुद्वारा गुरु के ताल, मिठ्ठा कूआं, मधु नगर, नार्थ ईदगाह, काछीपुरा, बालूगंज, विभव नगर/शहीद नगर और किशन कॉलोनी से होते हुए आगे बढ़ा।
संगतों ने “वाहे गुरु” के जयकारों और भक्ति गीतों से नगर कीर्तन को आलोकित किया। फूलों से सजे रथ पर धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज विराजमान थे। जिनके आगे पांच प्यारों और निशान साहिब की अगुवाई में संगत श्रद्धा भाव से आगे बढ़ती रही। रास्तेभर जगह-जगह संगतों ने पुष्प वर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया। नगर कीर्तन का समापन पुनः गुरुद्वारा श्री कलगीधर सदर बाजार पर हुआ, जहां प्रबंध समिति और संगतों ने फूलों की वर्षा से सभी का स्वागत किया।
इस अवसर पर गुरु के ताल के जत्थेदार राजेन्द्र सिंह इंदौरिया, महंत हरपाल सिंह, जोगा सिंह और ग्रंथि अजायब सिंह टीटू को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया। वहीं मिठ्ठा कूआं गुरुद्वारा के भाई हरजोत सिंह, प्रभजोत सिंह, तथा माईथान गुरुद्वारा के प्रधान कंवलजीत सिंह सहित सभी गुरुद्वारा साहिबों के प्रधानों और सचिवों को भी गुरु घर का सिरोपा भेंट किया गया।
समापन पर भाई आमरीक सिंह ने आनंद साहिब का पाठ किया और “सरबत के भले” की अरदास के साथ नगर कीर्तन की पूर्णाहुति की। इसके बाद संगतों को मिष्ठान वितरण किया गया। इस पवित्र आयोजन में प्रमुख रूप से रमन सहानी, बंटी ओबराय, रविन्द्र सिंह ओबराय, हरभजन सिंह, सुरजीत सिंह छाबड़ा, बन्टी ग्रोवर, डॉ. पंकज महेन्द्रू, दर्शन सिंह चौपड़ा, जसबीर सिंह जस्सी, निर्मल सिंह सबरबाल, सिमरन सिंह सबरबाल, दिलजीत सिंह अरसी, राजू सलूजा सहित बड़ी संख्या में साध-संगत मौजूद रही। पूरा वातावरण “सतनाम श्री वाहे गुरु” के जयकारों से गुंजायमान रहा।