जीएसटी में ऐतिहासिक सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मोदी सरकार ने उद्योग और उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए जीएसटी में ऐतिहासिक सुधार किया है। अब आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं को न्यूनतम 5% कर की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। विशेष रूप से जूता उद्योग को बड़ा फायदा मिलेगा। सरकार का यह कदम न केवल घरेलू खपत को बढ़ावा देगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

Sep 4, 2025 - 18:22
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जीएसटी में ऐतिहासिक सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

-पूरन डावर-

मोदी सरकार ने एक बार फिर उद्योग और व्यापार के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। अपने पहले ही कार्यकाल में, सरकार ने जीएसटी लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह एक ऐसा सुधार था, जिसने अनेक करों को समाप्त कर दिया और एक राष्ट्र–एक कर प्रणाली बनाई। कई चुनौतियों के बावजूद, यह असंभव-सा लगने वाला कार्य सफलतापूर्वक लागू किया गया, जिससे जनता की आकांक्षाएं पूरी हुईं और भारत की ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग नई ऊंचाइयों पर पहुंची।

इस नई कर प्रणाली के बाद उद्योग भी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा, और रिकॉर्ड तोड़ जीएसटी संग्रह में योगदान दिया।

अब, जीएसटी के एक दशक पूरा करने से पहले ही, सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी को न्यूनतम 5% की श्रेणी में कर दिया है। जूता उद्योग को ऐतिहासिक राहत देते हुए, अब 2,500 रुपये तक मूल्य वाले जूतों पर केवल 5% जीएसटी लगेगा, जिससे लगभग 98% उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

यह सुधार न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा कदम भी होगा। भारत अब केवल निर्यात पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि घरेलू खपत का आधार ही विकास को शक्ति देगा।

सरकार ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखा दी है। अब यह उद्यमियों की जिम्मेदारी है कि इस लाभ को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।
हर उद्यमी को संकल्प लेना चाहिए कि ग्रे-मार्केट की प्रथाओं को समाप्त करें और निष्पक्ष, पारदर्शी व्यापार की ओर बढ़ें। 5% जीएसटी दर ने उद्योग को सुरक्षित कर दिया है, जिससे उद्यमी केवल एक दुकान का नहीं बल्कि सैकड़ों प्रतिष्ठानों तक विस्तार का सपना देख सकते हैं।

(लेखक काउंसिल फॉर लैदर एक्सपोर्ट्स, भारत सरकार के अध्यक्ष हैं)

SP_Singh AURGURU Editor