हनीमून मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत की रद्द, दो सप्ताह में करना होगा सरेंडर

नई दिल्ली/शिलांग। मेघालय के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने निचली अदालत और मेघालय हाईकोर्ट द्वारा जमानत को बरकरार रखने के आदेश को निरस्त करते हुए सोनम को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।

Jul 23, 2026 - 12:57
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हनीमून मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत की रद्द, दो सप्ताह में करना होगा सरेंडर

सोनम रघुवंशी पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। मेघालय सरकार ने सोनम को मिली जमानत को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी।

हनीमून पर गए थे राजा और सोनम, फिर सामने आया हत्या का मामला

मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून के लिए मेघालय गए थे। इसी दौरान राजा रघुवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो हत्या की साजिश का एंगल सामने आया।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि राजा रघुवंशी की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई और इसमें उनकी पत्नी सोनम की भूमिका रही। पुलिस के अनुसार, सोनम पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाने का आरोप है। हालांकि, मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद ही होगी।

निचली अदालत और हाईकोर्ट से मिली थी जमानत

राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी को पहले निचली अदालत से जमानत मिली थी। इसके बाद मेघालय हाईकोर्ट ने भी उस जमानत आदेश को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और जमानत रद्द करने की मांग की।

राज्य सरकार की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मामला हत्या जैसे गंभीर अपराध से जुड़ा है। ऐसे मामले में जमानत देना उचित नहीं है और इससे जांच एवं मुकदमे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत जारी रखने को नहीं माना उचित

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दिए जाने के आधारों पर विचार किया। अदालत ने पूरे मामले की गंभीरता और जांच से जुड़े तथ्यों को देखते हुए सोनम को मिली जमानत को रद्द करने का फैसला लिया।

शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि सोनम रघुवंशी को दो सप्ताह के अंदर संबंधित ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करना होगा। इसके बाद उन्हें आगे की न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

सोनम ने खुद को बताया था निर्दोष

सोनम रघुवंशी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था। उसने अदालत में कहा था कि वह निर्दोष है और उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उसने जांच में सहयोग करने और न्यायिक प्रक्रिया का पालन करने की बात भी कही थी।

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SP_Singh AURGURU Editor