पिनाहट में हुए विराट हिंदू सम्मेलन में धर्म–संस्कृति की हुंकार, उमड़ा आस्था का सैलाब

आगरा। पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पापरी नागर स्थित मुखिया फार्म हाउस में शनिवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में धर्म, संस्कृति और सनातन एकता का विराट संदेश देखने को मिला। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का मार्गदर्शन आचार्य कौशिक महाराज ने किया, जिन्होंने सनातन संस्कृति, गोरक्षा, हिंदू एकता और सामाजिक जिम्मेदारियों पर ओजस्वी उद्बोधन दिया।

Jan 25, 2026 - 14:04
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पिनाहट में हुए विराट हिंदू सम्मेलन में धर्म–संस्कृति की हुंकार, उमड़ा आस्था का सैलाब
पिनाहट में हुए विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता आचार्य कौशिक महाराज का स्वागत करते आयोजक।

सम्मेलन की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व आरती से हुई। इसके पश्चात आचार्य कौशिक जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गीता और महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से धर्म की शक्ति को समझाया। उन्होंने कहा कि पांडवों की सेना कौरवों से कमजोर थी, लेकिन पांडवों के साथ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण थे। जिस के साथ भगवान होते हैं, उसे कोई पराजित नहीं कर सकता।

आचार्य जी ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन से परमात्मा को कभी अलग नहीं करना चाहिए। हिंदुत्व की आन-बान-शान हमारे देवी-देवता हैं, उनका अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

आचार्य कौशिक जी महाराज ने गोरक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि गायों को नुकसान न पहुंचाया जाए। खेतों में तार न लगाए जाएं। असहाय गौवंश को चंदा एकत्र कर गौ तीर्थ, तुलसी तपोवन, वृंदावन जैसे सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि गाय संपूर्ण धरती की माता है। जिस दिन गाय बचेगी, उसी दिन धरती का समाधान होगा।

साथ ही उन्होंने समाज से बिजली चोरी, रेल में बिना टिकट यात्रा जैसी बुराइयों को बंद करने की अपील करते हुए इसे नैतिक पतन बताया।

आचार्य जी ने जातिवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि जातिवाद होता तो भगवान परशुराम का नाम परशुराम शर्मा, भगवान रामचंद्र का नाम राम सिंह होता। उन्होंने चतुर्वर्ण व्यवस्था को समाज की सेवा-व्यवस्था बताते हुए कहा कि ब्राह्मण शिक्षक, क्षत्रिय रक्षक, वैश्य पोषक और शेष सेवक की भूमिका निभाते हैं।
साथ ही यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रकार के कानून समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को आभास कराओ कि हम हिंदू भाई-बहन बंटना नहीं चाहते, हमारी सनातन पद्धति से छेड़छाड़ न की जाए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सी.ए. संजीव महेश्वरी (विभाग जनसंपर्क प्रमुख) ने कहा कि धर्म की रक्षा, समाज की एकता, संस्कार, संस्कृति और सनातन परंपरा ही राष्ट्र की आत्मा है। वहीं अवधूतिका आनंद हितेषणा आचार्य ने हिंदू नारी को शक्ति स्वरूप बताते हुए समाज को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन योगेंद्र परिहार (जिला संपर्क प्रमुख) द्वारा किया गया।

सम्मेलन में प्रमुख रूप से कन्हैया सिंह तोमर, संतोष गहलोत, प्रेम सिंह परिहार, सतीश परिहार, देवानंद परिहार (प्रधान), सत्यवीर तोमर, दिनेश सिंह, अतेंद्र सिंह, सनी सिंह, करण तोमर, अंकुश तोमर, भानु तोमर, राम लखन, अंकुर तोमर, राम मोहन तोमर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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SP_Singh AURGURU Editor