जूते पर जीएसटी घटे तो होगी ईमानदारी से बिलिंग: 25 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री में अपार संभावनाएं
आगरा। द आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन ने फिर दोहराया है कि अगर जूते पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की जाए तो सभी व्यापारी ईमानदारी से बिलिंग करेंगे। फैडरेशन अध्यक्ष विजय सामा ने कहा कि सरकार को 537 करोड़ की सालाना राजस्व हानि की चिंता है, लेकिन अगर उद्योग संगठित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े तो ये घाटा नहीं रहेगा।
-द आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के वार्षिकोत्सव में उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर हुई चर्चा
विजय सामा ने यह बात हींग की मंडी स्थित शूर चैंबर में द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के वार्षिकोत्सव में अतिथियों का स्वागत करते हुए कही।
राज्य मंत्री के सहयोग से चल रही मुहिम
विजय सामा ने बताया कि राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के सहयोग से इस मांग को केंद्र सरकार के समक्ष बार-बार उठाया गया है। विश्वास जताया गया कि जल्द इस पर सकारात्मक निर्णय आ सकता है। अगस्त में पुनर्निर्मित फैडरेशन कार्यालय का शुभारंभ भी प्रस्तावित है।
जूता उद्योग में अब सम्मान और संभावनाएं
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूरन डावर (चेयरमैन, फुटवियर एवं लेदर काउंसिल, भारत सरकार) ने कहा कि जूता उद्योग अब 25 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बन चुका है, जिसमें 5.8 बिलियन डॉलर का निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को एक बड़े बाज़ार के रूप में देख रही है क्योंकि यहां का 35 प्रतिशत हिस्सा मिडिल इनकम ग्रुप में है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी है तकनीकी उन्नयन
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि फैडरेशन का यह वर्ष ऐतिहासिक रहा है। विजय सामा ने अपने दादा स्व. राजकुमार सामा के पदचिह्नों पर चलते हुए परची सिस्टम के ज़रिए समानांतर बैंकिंग खड़ी की। उन्होंने व्यापारियों से सीएसआईआर से जुड़कर जूता मशीनरी के लिए तकनीकी सहायता और अनुदान का लाभ लेने की अपील की।
सरकारी योजनाओं का लाभ लें युवा व्यापारी
राकेश गर्ग ने आगे कहा कि युवा व्यापारी डिजिटल, तकनीकी और सरकारी योजनाओं से जुड़ें ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें। अपडेटेड और एडवांस सोच ही आने वाले भविष्य को मज़बूत बनाएगी।
कार्यक्रम में शामिल हुए अनेक उद्यमी
इस अवसर पर प्रमुख उद्यमियों, फैडरेशन पदाधिकारियों व व्यापारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अजय महाजन ने संचालन किया। उपस्थित प्रमुख लोगों में अनिल लाल, चंद्रमोहन सचदेवा, घनश्याम लालवानी, रामनाथ ढंग, प्रदीप सरीन, प्रमोद जैन, सौरभ रल्हन, अशोक मिड्डा, राजकुमार पुरसनानी, राकेश लालवानी, रिक्की धूपड़, दिलीप खूबचंदानी, विजय सहगल आदि शामिल रहे।