मीना नहीं होती तो डूब जाते चारों बच्चे: दो मासूमों की जान बचाई, डूबे दोनों बच्चों की खोज जारी

आगरा। आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मांगरौल-अकबरा गांवों के नजदीक स्थित नगला सपेरा गांव में दो बच्चों के यमुना में डूबने की घटना और भी भयावह हो सकती थी क्योंकि नदी में चार बच्चे डूब रहे थे। वहां मौजूद इसी गांव की एक महिला ने दो बच्चों को तो बचा लिया, लेकिन अन्य दो बच्चों को बचाने के लिए जब तक वह पहुंची, बच्चे यमुना के गहरे पानी में समा चुके थे।

Jun 29, 2025 - 21:02
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मीना नहीं होती तो डूब जाते चारों बच्चे: दो मासूमों की जान बचाई, डूबे दोनों बच्चों की खोज जारी
नगला सपेरा की साहसी मीना, जिसने यमुना में डूबते चार बच्चों में से दो की जान बचा ली।

उधर यमुना में डूबे दोनों बच्चों का रात आठ बजे तक कोई पता नहीं चल सका था। पुलिस और प्रशासन द्वारा यमुना में उतारे गये गोताखोरों के सारे प्रयास अभी तक सफल नहीं हुए हैं। दरअसल इन दिनों यमुना में बारिश की वजह से जलस्तर बढ़ चुका है और पानी के बहाव की गति भी तेज हुई है। इसी की वजह से रेस्क्यू ऒपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।

पूर्वाह्न 11 बजे जिस समय यह हादसा हुआ, नगला सपेरा निवासी राज कुमार की पत्नी वहां लकड़ियां बीनने के लिए आई हुई थी। अचानक उसने यमुना में नहाते बच्चों की चीख-पुकार सुनी तो मीना की नजर उस ओर गई। उसने देखा कि चारों बच्चों यमुना में डूब रहे हैं। मीना ने बगैर एक पल गंवाए यमुना में दौड़ लगा दी। अपने दोनों हाथों से उसने वर्षा और सोनू को पानी से बाहर निकाल लिया। लेकिन जब तक वह दोबारा सुजीत (10 वर्ष) और अन्नू (11 वर्ष) की ओर दौड़ी, तब तक दोनों गहरे पानी में समा चुके थे।

मीना का दिल अब भी इस मलाल से भरा है कि काश वह चारों को बचा पाती। गांव में मीना के प्रति हर कोई कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है, जिसने जान पर खेलकर दो मासूमों को नया जीवन दिया। हालांकि मीना ने खुद का जीवन जोखिम में डाल दिया था क्योंकि यमुना में जिस गहराई वाली जगह पर बच्चे डूब रहे थे, वहां वह खुद भी संकट में आ सकती थी, लेकिन उसने अपनी जान की परवाह न कर बच्चों को बचा लिया। 

उधर दो डूबे हुए बच्चों का पता न चलने से पूरे नगला सपेरा गांव में मातम का माहौल है। डूबे हुए बच्चों के परिजनों का तो हाल-बेहाल है। गांव के लोग पीड़ित परिवार के सदस्यों को ढाढस बंधा रहे हैं।

SP_Singh AURGURU Editor