श्वानों पर निरंतर बढ़ रही क्रूरता: आगरा में पशु प्रेमियों ने नुक्कड़ नाटक कर चेताया, मानव अस्तित्व पर खतरे की चेतावनी

देशी पशुओं, विशेषकर श्वानों के साथ बढ़ती क्रूरता के विरोध में आगरा में पशु प्रेमियों ने आवाज बुलंद की। आवास विकास कॊलोनी स्थित सेंट्रल पार्क में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पशु संरक्षण, करुणा और खाद्य श्रंखला के महत्व को रेखांकित करते हुए चेताया गया कि यदि प्रकृति का संतुलन टूटा, तो इसका सीधा खतरा मनुष्य के अस्तित्व पर भी आएगा।

Jan 4, 2026 - 19:25
 0
श्वानों पर निरंतर बढ़ रही क्रूरता: आगरा में पशु प्रेमियों ने नुक्कड़ नाटक कर चेताया, मानव अस्तित्व पर खतरे की चेतावनी
आगरा में आवास विकास कॊलोनी के सेंट्रल पार्क में देशी श्वानों पर क्रूरता के प्रति विरोध जताते पशु प्रेमी।

आगरा। जिस देश में परंपरागत रूप से पहली रोटी गाय और अंतिम रोटी श्वान के लिए निकाली जाती है, उसी देश में आज पशु-पक्षियों से प्रेम करना और उन्हें भोजन देना अपराध की श्रेणी में खड़ा किया जा रहा है। पशु प्रेमियों का कहना है कि खतरा देशी श्वानों या स्थानीय जानवरों से नहीं, बल्कि उन विदेशी नस्लों से है, जिन्हें भारतीय जलवायु अनुकूल नहीं पड़ती।

इसी पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में संशोधन की मांग और आमजन में पशु प्रेम की भावना जागृत करने के उद्देश्य से पशु प्रेमियों ने बोदला स्थित सेंट्रल पार्क में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि यदि प्रकृति की खाद्य श्रंखला टूटी, तो इसका दुष्परिणाम अंततः मानव जीवन पर पड़ेगा।

कैस्पर्स होम की निदेशक विनीता अरोरा ने बताया कि देश के 49 शहरों में एक साथ विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में यदि भारतीय नस्ल के श्वानों को विस्थापित करने की नीति में बदलाव नहीं हुआ, तो देशभर के पशु प्रेमी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
उन्होंने सवाल उठाया कि बच्चों की पढ़ाई छुड़वाकर शिक्षकों को स्ट्रीट डॉग हटाने के काम में लगाना न तो उचित है और न ही मानवीय। सभी श्वानों को शेल्टर होम में बंद करना न्याय, धर्म और करुणा, तीनों के विरुद्ध है।

पशु प्रेमियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय पशुओं के साथ क्रूरता के मामलों में इजाफा हुआ है। कहीं जानवरों पर गर्म पानी डाला जा रहा है, तो कहीं लोहे की सरिया से पीटा जा रहा है। पशुओं की देखभाल करने वाले लोगों को धमकियां भी दी जा रही हैं।
हालांकि, कुछ निजी स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों ने नगर निगम को एफिडेविट देकर यह स्पष्ट किया है कि वे पशुओं को हटाने के बजाय स्वयं उनकी देखभाल करेंगे।

इस दौरान एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) पॉलिसी को दोबारा लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। नुक्कड़ नाटक की स्क्रिप्ट विनीता अरोरा ने लिखी, जबकि प्रस्तुति आशीष कपूर, डिम्पी महेन्द्रू और गरिमा शर्मा ने दी।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अमन अग्रवाल, शांतनु बंसल, किरण सेतिया, विकास अग्रवाल, अंजलि, अनिल कुमार बग्गा, वंदना, हेमंत, लीना, उदय, लकी, सक्षम, कुशल, करण, अंकित शर्मा, संदीप राठौड़, डॉ. नेहरू, डॉ. प्रतिमा पांडे, हर्ष छाबड़ा, गरिमा शर्मा, डिम्पी, आशीष विश्वास अग्रवाल, अंकुर गोस्वामी, त्रिमोहन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पशु प्रेमी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor