अटल जी की स्मृति में शिक्षा को समर्पित पहल, आगरा कॉलेज में गेस्ट हाउस निर्माण हेतु ₹11 लाख का चेक भेंट
आगरा। भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की स्मृति में आज एक गरिमामय एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के आवास के निकट संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा और संस्थागत विकास को केंद्र में रखकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई।
आगरा। भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की स्मृति में आज एक गरिमामय एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के आवास के निकट संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा और संस्थागत विकास को केंद्र में रखकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई।
कार्यक्रम के दौरान सेंटर फॉर एंबीशन के निदेशक डॉ. अमित सिंह द्वारा आगरा कॉलेज, आगरा में गेस्ट हाउस के निर्माण हेतु ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपये) की धनराशि का चेक प्रदान किया गया। यह चेक कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय एवं आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सीके गौतम की उपस्थिति में सौंपा गया।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने चेक को औपचारिक रूप से प्राचार्य प्रो. सीके गौतम को हैंडओवर करते हुए इस पहल को स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी के विचारों और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने हमेशा ज्ञान, मूल्यों और संस्थाओं को मजबूत करने पर बल दिया और यह योगदान उसी दिशा में एक सार्थक कदम है।
इस अवसर पर डॉ. अमित सिंह ने आश्वासन दिया कि गेस्ट हाउस के निर्माण में यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी, तो वे समय-समय पर चेक के माध्यम से सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सीके गौतम ने जानकारी दी कि महाविद्यालय में लंबे समय से एक गेस्ट हाउस की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इससे कॉलेज में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, शिक्षाविदों एवं परीक्षा संबंधी कार्यों से जुड़े अधिकारियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। गेस्ट हाउस के निर्माण से कॉलेज की शैक्षणिक, प्रशासनिक और अकादमिक गतिविधियों को नया बल मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरदर्शी और प्रेरणादायक कदम बताया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा।