करोड़ों की दवा गड़बड़ी की जांच तेज,मुबारक महल में फिर पहुंचीं औषधि विभाग की टीमें, सीज दुकानों के रिकॉर्ड खंगाले

फव्वारा बाजार स्थित मुबारक महल में औषधि विभाग की टीमें एक बार फिर जांच के लिए पहुंचीं। जीत मेडिकल और युग मेडिकल सहित कई सीज प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की गई। इससे पहले 21 से 23 मई तक चली बड़ी छापेमारी में ₹1.5 करोड़ से अधिक की दवाएं जब्त की गई थीं, कई प्रतिष्ठानों का स्टॉक फ्रीज किया गया था और कुल 48 दवा नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Jun 8, 2026 - 18:09
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करोड़ों की दवा गड़बड़ी की जांच तेज,मुबारक महल में फिर पहुंचीं औषधि विभाग की टीमें, सीज दुकानों के रिकॉर्ड खंगाले

आगरा। आगरा के फव्वारा बाजार स्थित मुबारक महल क्षेत्र में औषधि विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। गत दिनों हुई व्यापक छापेमारी के बाद सीज की गई दवा दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को विभाग की कई टीमें फिर मौके पर पहुंचीं। कार्रवाई के दौरान जीत मेडिकल और युग मेडिकल स्टोर सहित कई प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड, स्टॉक और दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

विशेष बात यह रही कि इस अभियान में केवल आगरा ही नहीं, बल्कि बाहरी जिलों से भी एक दर्जन से अधिक औषधि अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने सीज किए गए प्रतिष्ठानों से संबंधित दस्तावेजों, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की पड़ताल की। कार्रवाई के चलते पूरे मुबारक महल क्षेत्र में दिनभर हलचल का माहौल बना रहा और दवा कारोबारियों की निगाहें विभागीय गतिविधियों पर टिकी रहीं।

21 से 23 मई तक चली थी बड़ी छापेमारी

गौरतलब है कि 21 से 23 मई के बीच औषधि विभाग ने मुबारक महल और आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया था। इस दौरान कई मेडिकल स्टोर, फार्मा एजेंसियों और गोदामों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। सबसे बड़ी कार्रवाई ज्योति ड्रग हाउस पर हुई, जहां एक अवैध गोदाम को सीज करते हुए ₹1.5 करोड़ से अधिक मूल्य की दवाएं जब्त की गई थीं।

युग फार्मा में कोल्ड-चेन नियमों का उल्लंघन करते हुए इंसुलिन पेन रखे मिले, जिसके चलते लगभग ₹3.6 लाख मूल्य का स्टॉक सीज किया गया। महादेव मेडिकल में भी तापमान नियंत्रित भंडारण के नियमों का पालन नहीं मिलने पर इंजेक्शन स्टॉक जब्त कर उसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई।

रिकॉर्ड और स्टॉक में मिली थीं कई गड़बड़ियां

साहनी मेडिकल एजेंसी का लगभग ₹5 लाख मूल्य का स्टॉक रिकॉर्ड संबंधी गंभीर विसंगतियों के चलते फ्रीज किया गया था। वहीं जीत केमिस्ट का लगभग ₹16 लाख मूल्य का इंजेक्शन स्टॉक भी फ्रीज कर उसकी बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई थी। श्री बिहारी जी फार्मा में संदिग्ध नकली O2 टैबलेट का बैच मिलने पर स्टॉक फ्रीज किया गया, जबकि वीना एंटरप्राइजेस में संदिग्ध केनाकोर्ट वायल्स मिलने के बाद स्टॉप-सेल आदेश जारी किए गए।

नंदन फार्मा में इंसुलिन और बायोलॉजिकल दवाओं के अनधिकृत भंडारण का मामला सामने आया था। इसके अलावा गणेश श्री एंटरप्राइजेस और श्री जीएलएस फार्मा में भी रिकॉर्ड और बिलिंग संबंधी अनियमितताएं पाए जाने पर स्टॉक फ्रीज करने की कार्रवाई की गई थी।

कई प्रतिष्ठानों से लिए गए दवा नमूने

जय श्री राम फार्मा की दोनों शाखाओं से नमूने लिए गए, जबकि उसका लाइसेंस पहले से निलंबित बताया गया है। श्री वैष्णो फार्मा और तनिष्का फार्मा से भी कई दवा नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। इसके अतिरिक्त पोरवाल मेडिकल, द्वारिकाधीश फार्मा, राधे कृपा फार्मा, शारदा मेडिकल और एकांश फार्मा समेत कई प्रतिष्ठानों पर भी निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई।

48 नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार

औषधि विभाग ने पूरे अभियान के दौरान कुल 48 दवा नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे हैं। अब विभाग को इन नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और रिकॉर्ड की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।