कबाड़ कारोबारी निकला मास्टरमाइंड, आगरा में हाईटेंशन तार चोरी का खुलासा

आगरा के खेरागढ़ में हाईटेंशन तार चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 1700 मीटर तार चोरी की वारदात में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 300 CCTV कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। पूछताछ में सामने आया कि करीब 2760 किलो तार को राजस्थान के कोटपूतली स्थित कबाड़ फर्म में गलाकर करीब 8 लाख रुपये में खपाया गया था। पुलिस ने 2.80 लाख रुपये नकद, 55 किलो तार, पिकअप, तमंचा, कारतूस और चोरी के औजार बरामद किए हैं। तीन आरोपी अभी फरार हैं।

Sep 17, 2026 - 16:56
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कबाड़ कारोबारी निकला मास्टरमाइंड, आगरा में हाईटेंशन तार चोरी का खुलासा
पुलिस की गिरफ्त में शातिर चोर।

300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस पहुंची आरोपियों तक, तीन गिरफ्तार, 2.80 लाख नकद, 55 किलो तार और तमंचा बरामद

आगरा। आगरा के खेरागढ़ में हाईटेंशन लाइन से हजारों मीटर एल्युमिनियम तार चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। खेरागढ़ थाना पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह ने ग्राम भिलावली-खानपुर के पास रात के अंधेरे में करीब 1700 मीटर हाईटेंशन तार काटकर चोरी किया था। चोरी किए गए तार का वजन करीब 2760 किलो बताया गया है। 

वारदात के बाद तार को राजस्थान के कोटपूतली स्थित एक कबाड़ फर्म में गलाकर खपा दिया गया। पुलिस के अनुसार चोरी के तार से आरोपियों को करीब 8 लाख रुपये मिले थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल महिंद्रा मैक्स पिकअप, चोरी का तार बेचकर मिली 2.80 लाख रुपये की नकदी, करीब 55 किलो एल्युमिनियम तार, एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और तार काटने में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं।

300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद मिला सुराग

डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि 7 सितंबर की रात ग्राम भिलावली-खानपुर के पास हाईटेंशन लाइन से तार चोरी होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों ने घटनास्थल के साथ आसपास के रास्तों और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आगरा से लेकर राजस्थान के अलवर और कोटपूतली क्षेत्र तक करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। लगातार जांच के बाद पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले।

भिलावली मोड़ से तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार 17 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली कि हाईटेंशन तार चोरी की घटना में शामिल आरोपी भिलावली मोड़ के पास बरुहरा जाने वाली सड़क पर मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में हुकम चंद उर्फ गोलू, संदीप और सचिन शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से महिंद्रा मैक्स पिकअप, 2.80 लाख रुपये नकद, एल्युमिनियम तार का एक बंडल, अवैध तमंचा, दो कारतूस और तार काटने के औजार बरामद किए।

कबाड़ कारोबारी ने बनाई थी चोरी की योजना

पुलिस पूछताछ में हुकम चंद उर्फ गोलू ने बताया कि उसकी राजस्थान के कोटपूतली में बालाजी एंटरप्राइजेज नाम से फर्म है। वह कबाड़ खरीदने, बेचने, गलाने और उसे खपाने का काम करता है। पूछताछ में सामने आया कि संदीप और सचिन भी छोटे स्तर पर कबाड़ का कारोबार करते हैं और हुकम चंद के लिए फेरी से कबाड़ लाकर देते थे। पुलिस के मुताबिक, इसी कारोबार की आड़ में आरोपियों ने हाईटेंशन तार चोरी की योजना बनाई। हुकम चंद ने अपने साथियों संदीप, सचिन, नावेद, जाकिर और निसामुद्दीन के साथ मिलकर 7/8 सितंबर की रात भिलावली-खानपुर के पास हाईटेंशन तार काटा।

फर्म में गलाकर किया माल साफ

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए तार का कुल वजन करीब 2760 किलो था। वारदात के बाद तार को उसकी कोटपूतली स्थित फर्म बालाजी एंटरप्राइजेज ले जाया गया। वहां तार को गलाकर उसका स्वरूप बदल दिया गया, ताकि उसे सामान्य एल्युमिनियम कबाड़ के तौर पर खपाया जा सके। पुलिस के अनुसार, चोरी के तार को गलाकर बेचने के बाद आरोपियों को करीब 8 लाख रुपये मिले।

पैसों का कर लिया बंटबारा 

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने रकम के बंटवारे की जानकारी भी दी। हुकम चंद को 2 लाख रुपये, नावेद को 2 लाख रुपये, जबकि सचिन, संदीप, जाकिर और निसामुद्दीन को एक-एक लाख रुपये दिए गए। पुलिस का कहना है कि बरामद 2.80 लाख रुपये उसी चोरी के तार को गलाकर बेचने से प्राप्त रकम में से हैं। आरोपियों ने रकम का कुछ हिस्सा अपनी शौक-मौज में खर्च कर दिया।

पुलिस से बचने को पिकअप में रखा था तार का बंडल

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने चोरी के बाद एल्युमिनियम तार का एक बंडल महिंद्रा मैक्स पिकअप में रखा था। इसके पीछे उनकी एक योजना थी। अगर रास्ते में पुलिस उन्हें रोककर तार के बारे में पूछती तो वे खुद को बिजली का काम करने वाला बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते। पुलिस के मुताबिक आरोपी हाईटेंशन तार काटने के लिए आरी ब्लेड, वायर कटर और रस्सी का इस्तेमाल करते थे। वारदात के बाद तार को वाहन में लादकर दूसरे स्थान पर ले जाया जाता था।

तीन आरोपी अभी भी फरार

पुलिस के अनुसार मामले में अभी नावेद, जाकिर और निसामुद्दीन फरार हैं। तीनों की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस इनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चोरी की वारदात और तार की बिक्री से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले इसी तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और चोरी के माल को खपाने में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।