आईआरजीसी का दावा, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद, ट्रंप बोले- 60 दिन तक ट्रैफिक फ्री, अमेरिका-ईरान डील संकट में
ईरान ने होर्मुज को बंद करने के अपने फैसले को लेबनान में जारी इजरायली सैन्य कार्रवाई से जोड़ा है। तेहरान का कहना है कि ये हमले युद्धविराम और समझौते की शर्तों का उल्लंघन हैं।
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता शुरू होने से ठीक पहले होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विरोधाभासी दावों ने नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। एक तरफ ईरान ने दावा किया है कि उसने जलडमरूमध्य को फिर से जहाजों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है, वहीं अमेरिकी सेना का कहना है कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है। इस घटनाक्रम ने स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया और राज्य टीवी के मुताबिक, ईरान के खातम-अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने घोषणा की कि होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद किया जा रहा है। सैन्य मुख्यालय ने कहा कि यह कदम दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों और अमेरिका द्वारा हालिया समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा न करने के जवाब में उठाया गया है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि यदि हालात और बिगड़े तो आगे और भी कदम उठाए जा सकते हैं।
ईरान के दावे के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। सेंटकॉम ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी है और अमेरिकी बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सेंटकॉम के अनुसार शनिवार को 55 वाणिज्यिक जहाज इस मार्ग से गुजरे, जिनके जरिए 1.7 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया गया।
सेंटकॉम ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को नियंत्रित नहीं करता है और नौवहन की स्वतंत्रता पूरी तरह बरकरार है। अल जजीरा अरबी से बातचीत में सेंटकॉम के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सेना समुद्री यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यापारिक जहाजों की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने के लिए हालात पर करीबी नजर रख रही है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि होर्मुज स्ट्रेट वास्तव में बंद किया गया है। स्विट्जरलैंड रवाना होने से पहले वेंस ने उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयासों के जरिए युद्धविराम को बनाए रखा जा सकेगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा लेबनान की स्थिति पर बातचीत आगे बढ़ेगी।
ईरान ने होर्मुज को बंद करने के अपने फैसले को लेबनान में जारी इजरायली सैन्य कार्रवाई से जोड़ा है। तेहरान का कहना है कि ये हमले युद्धविराम और समझौते की शर्तों का उल्लंघन हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जहाजों को चेतावनी देते हुए कहा है कि जलडमरूमध्य के करीब आने वाले पोतों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने अमेरिका पर अंतरिम समझौते की पहली शर्त को लागू न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक यह समझौता केवल कागजों पर ही रहेगा, तब तक मध्य पूर्व से ऊर्जा आपूर्ति और तेल व्यापार प्रभावित होता रहेगा।