अपनी विफलताओं के लिए पड़ोसियों पर आरोप लगाना पाक की पुरानी आदत- भारत
नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष को लेकर गुरुवार (16 अक्टूबर, 2025) को आधिकारिक बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम इस मामले में नजदीकी से अपनी नजर बनाए हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव पर तीन बातें स्पष्ट हैं। पहली बात ये कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और आतंकवादी गतिविधियों को प्रायोजित करता है। दूसरी बात - अपनी आंतरिक विफलताओं के लिए अपने पड़ोसियों को दोष देना पाकिस्तान की पुरानी आदत है और तीसरी बात कि पाकिस्तान इस बात से नाराज है कि अफगानिस्तान अपने क्षेत्रों पर संप्रभुता का प्रयोग कर रहा है।’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक ही हफ्ते में दो बार सीमा पर झड़प हो चुकी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, इस संघर्ष के लिए पाकिस्तान परोक्ष रूप से भारत को जिम्मेदार ठहराता रहा है, जिस पर अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान की यह पुरानी आदत है कि वह अपनी आतंरिक विफलताओं, विशेषकर आतंकवाद को बढ़ावा देने और उसे पनाह देने, के लिए अपने पड़ोसियों को दोष देता है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को अपनी समस्याओं के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए, न कि पड़ोसी देशों पर झूठे आरोप लगाकर ध्यान भटकाने की कोशिश करनी चाहिए।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मंगलवार (14 अक्टूबर, 2025) की रात को सीमा पर हुई ताजा झड़पों में दर्जनों सैनिकों और नागरिकों की मौत की गई। वहीं, अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा कि बुधवार (15 अक्टूबर, 2025) को अफगानिस्तान में पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए हवाई हमलों में 17 लोगों की मौत हो गई और 346 लोग घायल हो गए हैं।