भरतपुर रियासत का शाही झंडा बदले जाने से ब्रज की जाट सरदारी में उबाल, 21 को महापंचायत
आगरा/भरतपुर। अजेय मानी जाने वाली भरतपुर रियासत के राजपरिवार में इन दिनों बहुत कुछ ऐसा हो रहा है कि बातें अब महलों की चारदीवारी से बाहर आम जनता के बीच तक आ गई हैं। ताजा घटनाक्रम ये है कि भरतपुर के महाराजा विश्वेंद्र सिंह के पुत्र एवं रियासत के राजकुमार अनिरुद्ध सिंह ने मोती महल से पारंपरिक शाही झंडा उतारकर नया झंडा लगा दिया है। इस कदम ने भरतपुर के जाट समाज ही नहीं बल्कि पूरे ब्रज मंडल की जाट सरदारी को झकझोर दिया है। इसे लेकर जाट समाज में उबाल भी है। झंडे को मान-सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक मानने वाले जाट समाज में इसे लेकर गहरी नाराजगी फैल गई है। इस पर विचार करने के लिए 21 सितम्बर को भरतपुर में जाट समाज की महापंचायत भी होने जा रही है।
बता दें कि भरतपुर राज परिवार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। महाराजा विश्वेंद्र सिंह और उनके पुत्र राजकुमार अनिरुद्ध सिंह के रिश्ते में तल्खी का दौर चल रहा है। पिछले कई साल से महाराजा विश्वेंद्र सिंह महल से अलग किसी दूसरे शाही भवन में रह रहे हैं। इन्हीं तल्खियों के बीच राजकुमार अनिरुद्ध सिंह ने भरतपुर रियासत के शाही झंडे को बदला तो जाट समाज स्तब्ध रह गया। इसकी प्रतिक्रिया होनी ही थी। इसी क्रम में अब भरतपुर में 21 सितम्बर को मोती महल के सामने ही समाज की पंचायत बुला ली गई है।
जाट महासभा का ऐलान – बर्दाश्त नहीं होगा अपमान
अखिल भारतीय जाट महासभा की आगरा जिला इकाई की आपात बैठक में जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि शाही झंडा बदलना समस्त जाट सरदारी की भावनाओं से खिलवाड़ है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासभा ने इस कदम की कड़ी भर्त्सना की और ऐलान किया कि अब पूरे ब्रज क्षेत्र से एक बड़ी आवाज उठेगी।
21 सितंबर को भरतपुर में महापंचायत
बैठक में निर्णय लिया गया कि 21 सितंबर, रविवार को भरतपुर स्थित मोती महल पैलेस के सामने एक विशाल महापंचायत होगी। इसमें न सिर्फ भरतपुर बल्कि आगरा समेत पूरे ब्रज क्षेत्र और अन्य राज्यों से हजारों लोग जुटेंगे। अखिल भारतीय जाट महासभा ने भी महापंचायत में पूरे दमखम से शामिल होने का संकल्प लिया है।
आगरा से पहुंचेगी भारी भीड़
बरारा प्रधान अजीत सिंह चाहर के आवास पर हुई तैयारी बैठक में यह भी तय किया गया कि आगरा से हजारों लोग महापंचायत में शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता कप्तान सिंह चाहर ने की और संचालन महामंत्री वीरेंद्र सिंह छौकर ने किया।
इस दौरान राधेश्याम मुखिया, नरेश इंदोलिया, गजेंद्र सिंह नरवार, भूपेंद्र सिंह राणा, गुलबीर सिंह, जगबीर सिंह इंदौलिया, लोकेंद्र सिंह भगौर, नेपाल सिंह राणा, निर्मल चाहर, वंदना सिंह, विनीत छौकर, श्यामवीर सिंह चाहर समेत अनेक पदाधिकारी और नेताओं ने गुस्से का इजहार किया।