आगरा में श्रीकृष्ण लीलाः कंस की दुहाई में अट्टहास और अधर्म की पराकाष्ठा से कांपी मथुरा नगरी

आगरा। आंखों में क्रूरता की ज्वाला, चेहरे पर घमंड की रेखाएं और अधर्म की गर्जना। जब कंस का अट्टहास हवा में गूंजा तो दर्शक भी सिहर उठे। 102 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत श्रीकृष्ण लीला महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित अध्याय कंस की दुहाई सवारी रविवार को भव्य रूप में निकली। बल्केश्वर रोड स्थित गौशाला प्रांगण से आरंभ हुई इस सवारी ने नगर भ्रमण के दौरान भक्तों को द्वापर युग की जीवंत अनुभूति कराई।

Oct 26, 2025 - 22:55
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आगरा में श्रीकृष्ण लीलाः कंस की दुहाई में अट्टहास और अधर्म की पराकाष्ठा से कांपी मथुरा नगरी
गौशाला प्रांगण में कंस की दुहाई सवारी के साथ भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, मनीष अग्रवाल, सुनील सिंघल, संजय गोयल, पार्षद मुरारी लाल गोयल, गिर्राज बंसल, सुमन गोयल, शेखर गोयल एवं अन्य पदाधिकारी।

मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा, कंस की दुहाई सवारी यह संदेश देती है कि अत्याचार, अन्याय और अहंकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है। यह परंपरा ब्रजभूमि की आत्मा और आस्था का प्रतीक है।

श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि कंस की दुहाई सवारी केवल झांकियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि धर्म की अनिवार्य विजय की जीवंत कथा है। झांकियों में कंस दरबार, पूतना, अघासुर वध, बकासुर वध, महाराज अग्रसेन का कारावास और कंस के अत्याचार जैसे प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। सिंहासन पर बैठा कंस लाल आंखों से प्रज्वलित क्रोध बरसा रहा था, तो मंच के चारों ओर जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा।

कलाकारों की दमदार संवाद अदायगी, पारंपरिक संगीत और कंस की दुहाई के उद्घोषों ने वातावरण को धर्म–अधर्म के संघर्ष का प्रतीक बना दिया।

सवारी गौशाला प्रांगण से प्रारंभ होकर जीवनी मंडी, भैरव बाजार, बेलनगंज, छत्ता बाजार, रावतपाड़ा, किनारी बाजार, फुलट्टी और धूलियागंज मार्गों से होती हुई पुनः गौशाला प्रांगण पहुंची। श्रद्धालुओं ने मार्गभर पुष्पवर्षा की और घरों व मंदिरों से जय श्रीकृष्ण के उद्घोष किए। पूरा नगर भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम में संरक्षक डॉ. विजय किशोर बंसल, विजय रोहतगी, शेखर गोयल, पीके मोदी, संजय, प्रभात रोहतगी, कैलाश खन्ना, मनोज बंसल, गिर्राज बंसल, विष्णु अग्रवाल, आयुष बंसल, सुमन गोयल, शेखर गोयल सहित अनेक श्रद्धालु और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि 27 अक्टूबर को देवकी-वसुदेव विवाह, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की लीला और मयूर नृत्य होगा।

SP_Singh AURGURU Editor