स्थानीय स्थल इतिहास की अमूल्य धरोहर, संरक्षण में युवा निभाएं भूमिका: प्रो. बीडी शुक्ला

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के इतिहास एवं संस्कृति विभाग में ‘स्थल से सभ्यता तक मैदानी पुरातत्व की भूमिका’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य वक्ता प्रोफेसर बी.डी. शुक्ला ने कहा कि स्थानीय स्थल भी इतिहास की अमूल्य निधि हैं, जिनके संरक्षण के लिए युवा पीढ़ी को संवेदनशीलता के साथ आगे आना चाहिए।

Jul 31, 2025 - 20:17
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स्थानीय स्थल इतिहास की अमूल्य धरोहर, संरक्षण में युवा निभाएं भूमिका: प्रो. बीडी शुक्ला
डॊ. आंबेडकर विवि के संस्कृति एवं इतिहास विभाग में आयोजित कार्यशाला के गुरुवार को समापन के मौके मंचस्थ मुख्य वक्ता प्रो. बीडी शुक्ला एवं अन्य अतिथि।

पुरातात्विक अध्ययन से संस्कृति की गहराई का पता चलता है

प्रो. शुक्ला ने बताया कि मैदानी पुरातत्व के अंतर्गत उत्खनन कार्य की बारीकियों और तकनीकों को समझना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही अध्ययन हमें अपने अतीत और संस्कृति के विकास क्रम को गहराई से जानने का अवसर देते हैं।

संयुक्त आयोजन और शैक्षिक संवाद

यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के इतिहास एवं संस्कृति विभाग तथा क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। प्रो. हेमा पाठक ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और पुरातत्व हमें कालांतर के परिवर्तनों को पढ़ने की दृष्टि देता है।

प्रदर्शनी, प्रमाण पत्र, टैबलेट वितरण और स्वागत कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के प्रभारी ज्ञानेश कुमार रस्तोगी के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न पुरातात्विक स्थलों पर चल रही उत्खनन परियोजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई। छात्रों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और विवेकानंद सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत टैबलेट वितरण भी किया गया।

नवागत छात्रों का स्वागत एवं शैक्षिक सत्र आरंभ

आज ही नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का विभाग में स्वागत करते हुए शैक्षणिक सत्र 2025–26 का शुभारंभ भी हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हेमंत कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. अमित कुमार, डॉ. गोपाल वशिष्ठ, शशि भूषण, देवेन्द्र मौर्य, रवीश कुमार, पूजा पोरस, गिरधर मिश्रा व ऋतिक प्रताप सहित अनेक शिक्षक, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor