आगरा की धरा पर नया आकर्षण होगा ‘लोकोदय महातीर्थ’, हाईवे पर रैपुरा जाट के पास हुआ भूमि पूजन

आगरा। आगरा के जैन समाज द्वारा ‘लोकोदय’ के नाम से एक ऐसे तीर्थस्थल को आकार दिया जा रहा है, जो ताजमहल सरीखा एक नया आकर्षक होगा। आगरा-मथुरा हाईवे पर रैपुरा जाट से पहले आगरा की सीमा के भीतर प्रस्ताव लोकोदय महातीर्थ का कल भूमि पूजन हो चुका है। इस महातीर्थ परिसर में 24 जिनालय, मूलनाथ ऋषभदेव भगवान एवं मुनि सुब्रतनाथ भगवान की प्रतिमाएं प्रतिष्ठित होंगी। इसके साथ ही अस्पताल, छात्रावास और धर्मशाला के निर्माण की योजना भी तय है। आगरा के जैन समाज की इच्छा है कि लोकोदय तीर्थ इतना भव्य और दिव्य बने कि देशभर के श्रद्धालु और पर्यटक इसकी ओर खिंचे चले आएं- जैसे अहिंसा, श्रद्धा और आस्था का नया केंद्र।

Oct 27, 2025 - 12:59
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आगरा की धरा पर नया आकर्षण होगा ‘लोकोदय महातीर्थ’, हाईवे पर रैपुरा जाट के पास हुआ भूमि पूजन
हाईवे पर रैपुरा जाट के पास बनने जा रहे लोकोदय महातीर्थ के शिलान्यास के मौके पर जुटे जैन समाज के गणमान्य लोग। मंच पर विराजमान हैं जैन मुनि सौम्य सागर महाराज एवं मुनि निश्चल सागर महाराज।

दो वर्ष के लंबे इंतज़ार के बाद विगत दिवस हाईवे पर रैपुरा जाट के समीप श्री दिगम्बर जैन लोकोदय तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के तत्वावधान में लोकोदय महातीर्थ की पावन भूमि पर भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज एवं मुनिश्री निश्चल सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में आयोजित इस ऐतिहासिक क्षण ने न केवल आगरा, बल्कि पूरे जैन समाज को गौरवान्वित कर दिया। मुनिश्री ने आशीर्वचन में कहा- गुरुदेव की कृपा से लोकोदय विश्व की आस्था का केन्द्र बनेगा।

प्रातःकाल रुनकता जैन मंदिर से मुनिसंघ का मंगल प्रवेश हुआ। मंगलध्वनि, भजनों और जयघोषों से वातावरण गुंजायमान हो गया। ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश वालों के निर्देशन में समस्त मांगलिक कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुए।

सुबह 8:30 बजे ध्वजारोहण, मंगलाचरण और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर आचार्य विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य समयसागर जी महाराज का पावन आशीर्वाद तथा तीर्थचक्रवर्ती मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा प्राप्त हुई। यह वही भूमि है जिसे आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज का अंतिम तीर्थ आशीर्वाद प्राप्त है, इसलिए यह दिन जैन समाज के लिए ऐतिहासिक बन गया।

कार्यक्रम के मध्य में मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज ने कहा, सोचा न था कि गुरुदेव की रहमत इस तरह आगरा पर बरसेगी कि पूरी दुनिया लोकोदय की ओर आने को तरसेगी। भूमि पूजन के उपरांत हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जैन भजनों की मधुर प्रस्तुतियां, तीर्थ-महिमा पर आधारित नृत्य-नाटिका और बालक-बालिकाओं के समूह गीतों ने वातावरण को भक्ति और भावनाओं से भर दिया। पूरा परिसर दीपों, पुष्पों और जयकारों से आलोकित हो उठा।

इस दौरान लोकोदय तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुनिसंघ के चरणों में श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं ने भव्य रक्षा प्राचीर (बाउंड्रीवॉल) के शिलान्यास में भाग लिया। प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी प्रदीप भैया के निर्देशन में सभी शिलाओं की स्थापना की गई। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया, जबकि संगीत प्रस्तुति शशि पाटनी ने दी।

कार्यक्रम में आगरा, मथुरा, ग्वालियर, दिल्ली और अन्य नगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। प्रमुख रूप से प्रदीप जैन पीएनसी, निर्मल मौठया, रूपेश जैन चांदी वाले, नीरज जैन जिनवाणी चैनल, शिखरचंद जैन सिघंई, दिलीप जैन, अमित जैन बॉबी, अशोक जैन, हीरालाल बैनाड़ा, पन्नालाल बैनाड़ा, मनोज जैन सिघंई, प्रवीन जैन नेता, शुभम जैन, बीना बैनाड़ा सहित अनेक प्रतिष्ठित समाजसेवी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor