माधवी बेटियों का मायका: सावन में तिलक, आशीर्वाद और विदाई में छलके भाव

आगरा। श्रावण की शीतल छांव और भावनाओं की बयार के बीच माधवी अग्र महिला मंडल ने माधवी बेटियों का मायका कार्यक्रम के ज़रिए समाज में रिश्तों की एक नई मिसाल पेश की। लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित दो दिवसीय आयोजन में देशभर से 51 ऐसी बेटियां बुलाई गईं, जिनका पालन-पोषण अनाथालयों में हुआ था।

Aug 4, 2025 - 18:42
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माधवी बेटियों का मायका: सावन में तिलक, आशीर्वाद और विदाई में छलके भाव
लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित माधवी बेटियों का मायका कार्यक्रम में बेटियों के साथ उपस्थित मुख्य अतिथि नितेश अग्रवाल, आशी अग्रवाल, अध्यक्ष पुष्पा अग्रवाल, ऊषा बंसल, आभा जैन और नमिता गोयल आदि।

इन बेटियों को सावन के इस आयोजन में मायके जैसा स्नेह मिला। मां जैसा दुलार, बहनों जैसा साथ, और भाइयों जैसा वचन। उन्हें तिलक कर आशीर्वाद दिया गया, उपहार भेंट किए गए और उनके बच्चों ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि नितेश अग्रवाल ने कहा, यह केवल आयोजन नहीं, रिश्तों की पुनर्स्थापना है। माधवी मंडल ने समाज को अपनत्व का सजीव उदाहरण दिया है। आशी अग्रवाल ने कहा, यह साबित हुआ कि खून के रिश्ते ही सब कुछ नहीं होते। अपनत्व और समर्पण से भी मायका बनता है। हर सावन एक बेटी को मायका मिल सकता है।

विदाई के वक्त माहौल बेहद भावुक हो उठा, जब सचिव ऊषा बंसल और कोषाध्यक्ष आभा जैन ने- बेटी आज विदाई देती तुम्हे…गीत गाया। हर आंख नम हो गई। कार्यक्रम का समापन मिठाइयों, उपहारों और स्नेहिल विदाई के साथ हुआ।

संस्था की अध्यक्ष पुष्पा अग्रवाल के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ, जिसमें व्यवस्थाएं श्वेता अग्रवाल, नमिता गोयल, रजनी गोयल, संगीता अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने संभालीं।

SP_Singh AURGURU Editor