पाक कनेक्शन वाला मदरसा शिक्षक ब्रिटेन का नागरिक बनने के बावजूद यूपी में वेतन और सारे लाभ लेता रहा, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक, दो डीएमओ और बरेली के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निलंबित

ब्रिटेन में बसे और पाकिस्तान से संपर्क रखने वाले मदरसा शिक्षक को वर्षों तक वेतन एवं लाभ दिलाने में विभागीय मिलीभगत सामने आने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने कठोर कदम उठाते हुए बरेली सहित विभिन्न जिलों के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Nov 28, 2025 - 21:39
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पाक कनेक्शन वाला मदरसा शिक्षक ब्रिटेन का नागरिक बनने के बावजूद यूपी में वेतन और सारे लाभ लेता रहा, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक, दो डीएमओ और बरेली के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निलंबित

-आरके सिंह-

बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान को अनियमित रूप से वेतन, पेंशन और अन्य लाभ दिलाए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी समेत कुल चार अफसरों को निलंबित कर दिया है। शासन ने निलंबन आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को नए स्थानों से संबद्ध कर दिया है।

मामला आजमगढ़ के दारूल उलूम दोस्रो अह्ले सुन्नत मदरसा अशरफिया का है, जहां शिक्षक शमशुल हुदा खान ने विभाग और प्रबंधक की मिलीभगत से ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद भी कई वर्षों तक 31 जुलाई 2017 तक वेतन और भुगतान प्राप्त किए।
शमशुल ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी, लेकिन उसके बावजूद अनियमित वेतन, चिकित्सा अवकाश, वेतन वृद्धि और वीआरएस के बाद जीपीएफ और पेंशन लाभ लगातार मिलता रहा।

ये चार वरिष्ठ अधिकारी हुए निलंबित

सरकार ने जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की है, उनमें एस.एन. पांडेय, संयुक्त निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, साहित्य निकष सिंह, तत्कालीन डीएमओ, आजमगढ़ (वर्तमान में गाजियाबाद), लालमन, वर्तमान जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, बरेली, प्रभात कुमार, तत्कालीन डीएमओ, आजमगढ़ (वर्तमान अमेठी) शामिल हैं।

निलंबन की अवधि में एस.एन. पांडेय को आयुक्त कार्यालय, झांसी से संबद्ध किया गया है, जबकि निकष सिंह, लालमन और प्रभात कुमार को अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है।

विदेश यात्राओं पर भी गंभीर सवाल

सूत्रों के अनुसार, मदरसा शिक्षक रहते हुए शमशुल हुदा खान ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर और श्रीलंका की यात्रा कर चुका था। इसके अलावा वह खाड़ी देशों के रास्ते 2–3 बार पाकिस्तान भी गया, जो सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आया।

शमशुल द्वारा अनियमित रूप से प्राप्त धनराशि की भरपाई के लिए 16.59 लाख रुपये की रिकवरी पहले ही आदेशित की जा चुकी है। एटीएस और विभागीय जांच में मिल चुकी गड़बड़ियों के आधार पर सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है।

SP_Singh AURGURU Editor