आगरा में पांच जनवरी को महानाट्य चक्रव्यूह का मंचन
आगरा। चक्रव्यूह की रचना, महाभारत का वो महान क्षण जब जीतने वाला हारा और हारे की जय जयकार हुई। महान योद्धा अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु की वीर गाथा का प्रस्तुतिकरण करते हुए महाभारत की उस महान गाथा का महानाट्य मंचन “चक्रव्यूह” आगरा में पहली बार होने जा रहा है।
- सूरसदन में तीन बजे से जीवंत होगा अभिमन्यु की महान गाथा का प्रस्तुतिकरण
− हरिद्वार की दिव्य प्रेम सेवा मिशन पंजीकृत सामाजिक संस्था कर रही है भव्य आयोजन
− विश्व प्रसिद्ध धारावाहिक महाभारत फेम नीतिश भारद्वाज दिखेंगे श्रीकृष्ण की भूमिका में
दिव्य प्रेम सेवा मिशन पंजीकृत सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित होने जा रहे महानाट्य चक्रव्यूह का उद्घोषणा समारोह गुरुवार को होटल होली डे इन में हुआ, जिसमें महानाट्य का कटआउट जारी किया गया।
संरक्षक कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और बेबीरानी मौर्य, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, प्रमोद सारस्वत और उमेश गर्ग ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष संजय चतुर्वेदी ने बताया कि पूरे देश में 100 से अधिक बार मंचित हो चुके महानाट्य चक्रव्यूह का मंचन प्रथम बार आगरा की धरती पर 5 जनवरी, (रविवार को) दोपहर तीन बजे से सूरसदन प्रेक्षागृह में होगा। कुल दो घंटे के महानाट्य में महाभारत धारावाहिक में श्रीकृष्ण की कालजयी भूमिका निभाने वाले अभिनेता नीतिश भारद्वाज मुख्य भूमिका में होंगे।
उन्होंने बताया कि एतिहासिक महाभारत के असाधारण योद्धा अभिमन्यु के जीवन चरित्र की विशद प्रस्तुति चक्रव्यूह में मंचित की जाएगी। आगरा की जनता उस महान क्षण की साक्षी बनेगी।
स्वागाताध्यक्ष सोम कुमार मित्तल ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना जागृति का प्रमुख माध्यम ये महानाट्य बनेगा। चक्रव्यूह नाटक में महाभारत के तेहरवें दिन का प्रसंग सामने लाया गया है। ये नाटक सिर्फ युद्ध कला तक सीमित न होकर एक सम्पूर्ण दर्शन के स्तर तक ले जाता है।
कार्यक्रम संयोजक सीए संजीव माहेश्वरी ने बताया कि आयोजन में सामाजिक संस्थाओं एवं विभूतियों का सम्मान करने के साथ ही संस्था का परिचय दिया जाएगा। इसके बाद नाटक का मंचन आरंभ होगा। कार्यक्रम में संस्था के सहयोगी बंधुओं के लिए प्रवेश पास की व्यवस्था की गयी है। आयोजन में केंद्र राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और सांसद राजकुमार चाहर का विशेष सहयोग है।
आयोजन समिति के संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि 2025 के शुभ आगमन पर शहर में अध्यात्म की लहर लिये ये दिव्य और भव्य आयोजन होगा। अध्यात्म, सेवा और कला का ये सुंदर मिश्रण हर किसी के लिए प्रेरक बनेगा।
उद्घोषणा समारोह में आयोजन समिति की भी घोषणा की गई जिसके अंतर्गत संरक्षक दुर्विजय सिंह शाक्य, स्वागत मंत्री अभिनव मौर्य, स्वागत समिति में भानु महाजन, पूरन डावर, एके सिंह, सुनील अग्रवाल, गोपाल गुप्ता, मधुकर चतुर्वेदी, गुंजन सिंह, नितेश अग्रवाल, सर्वेश बाजपेई, डॉ. राकेश त्यागी, आशीष शास्त्री, अवधेश दिनेश मंगल संदीप मित्तल सुनील गोयल यादवेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अमित अग्रवाल, सत्यदेव दुबे, अभिनव भार्गव, मधुसूदन शर्मा, मोहित सोलंकी, राहुल सागर, धन कुमार जैन, रितेश भारद्वाज, कुलदीप ठाकुर, मोहनलाल अग्रवाल, मुकेश सिंघल, बिल्लू गोयल, आलोक गर्ग, आशीष शर्मा, राहुल जोशी, मोनू दुबे, निशांत प्रजापति, आशीष त्यागी, अमित दिवाकर, अमित अग्रवाल, गोविंद दुबे, डॉ हितेश लवानिया, पंकज कटारा, आशीष पाराशर, शुभम अग्रवाल को बनाया गया।
30 वर्षों से विशेष सेवा को समर्पित है संस्था
कार्यक्रम संयोजक सीए संजीव माहेश्वरी ने बताया कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन पंजीकृत सामाजिक संस्था है, जिसका प्रारंभ संघ प्रचारक आशीष भैया द्वारा किया गया था। अध्यात्म के ल्रिए प्रेरणा मिली। तीन वर्ष गंगोत्री में साधना में रहे। वहां से अनुभूति हुई कि पूरे देश से हरिद्वार गंगा किनारे आकर कुष्ठ रोगी रहते हैं, उनकी सेवा का कार्य उन्हें करना है।
सेवा करते हुए पाया कि कुष्ठ रोगियों के बच्चों का समाज में माता पिता की वजह से स्वीकार्यता नहीं है। उनकी शिक्षा− दीक्षा का कार्य भी आरंभ किया। प्राथमिक, सेकेंड्री, हायर एजुकेशन पैरामेडिकल, नर्सिंग एवं मेडिकल कॉलेज की स्थापना की।
देश के बड़े व्यक्तित्व सेवा भाव से संस्था से जुड़े हुए हैं। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, संघ से सह सरकार्यवाहक डॉ कृष्ण गोपाल के साथ ही उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के अनेक राजनीतिक एवं सामाजिक लोगों का सक्रिय सहयोग रहता है।