बरेली में माफिया नेटवर्क पर बड़ी चोट: ‘लल्ला गद्दी’ माफिया घोषित, अतीक–अशरफ कनेक्शन उजागर
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। जिले में संगठित अपराध, रंगदारी और दहशत के साम्राज्य पर पुलिस ने निर्णायक प्रहार करते हुए मोहम्मद रजा उर्फ लल्ला गद्दी को औपचारिक रूप से माफिया घोषित कर दिया है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि अब बरेली में दबंगई, भय और रंगदारी के सहारे कानून को चुनौती देने वालों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। यह कार्रवाई माफिया नेटवर्क के खिलाफ चल रही सख्त रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
दहशत का नाम बना लल्ला गद्दी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली के पुराना शहर, बारादरी और आसपास के इलाकों में लल्ला गद्दी लंबे समय से दहशत का पर्याय बना हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने संगठित गिरोह के जरिए दुकानदारों, ठेकेदारों और आम नागरिकों से रंगदारी वसूली करता था। रकम न देने पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां उसकी रोजमर्रा की कार्यशैली में शामिल थीं।
अतीक–अशरफ और सद्दाम से जुड़े तार
एसएसपी ने बताया कि चक महमूद निवासी लल्ला गद्दी पर पहले गुंडा एक्ट और बाद में हिस्ट्रीशीटर की कार्रवाई हो चुकी थी। ताजा जांच में उसके माफिया नेटवर्क के तार प्रयागराज के कुख्यात माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और उसके साले सद्दाम से जुड़े पाए गए हैं।
उमेश पाल हत्याकांड से पहले जेल में शूटरों की मुलाकात
पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने खुलासा किया कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले बरेली जेल में बंद अशरफ से शूटरों की मुलाकात कराने में भी लल्ला गद्दी की अहम भूमिका सामने आई है। हत्या के बाद हुई विस्तृत जांच में जेल प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हुई थी, जिस पर संबंधित कार्रवाई की गई।
काले धन से जमीन खरीद, माफिया फंडिंग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह भी सामने आया कि सद्दाम का काला धन बरेली में जमीनों की खरीद-फरोख्त में लगाने में लल्ला गद्दी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अशरफ की मदद के आरोप में लल्ला गद्दी और उसके कई सहयोगियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। कुछ आरोपी भले ही जमानत पर बाहर हों, लेकिन लल्ला गद्दी पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता गया।
करीब दस संगीन मुकदमे
लल्ला गद्दी पर हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट सहित करीब दस गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। बीते दो महीनों में क्रमशः गुंडा एक्ट, हिस्ट्रीशीटर और अब माफिया घोषित किए जाने की कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की सख्त और सुनियोजित रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।