आगरा में सरकारी सिस्टम पर बड़ा साइबर अटैक, सरकारी पहचान की नकल कर रची गई साजिश

आगरा में 15वीं वाहिनी पीएसी के नाम से IG स्थापना मुख्यालय को फर्जी ई-मेल भेजने का मामला सामने आया है। जांच में पता चला कि मेल किसी सरकारी NIC आईडी से नहीं, बल्कि Hostinger सर्वर के जरिए भेजा गया और Gmail तक Google MX से डिलीवर हुआ। सरकारी वेबसाइट जैसे फर्जी डोमेन बनाकर पीएसी कर्मचारी के सेवा प्रकरण में अनुचित लाभ लेने की कोशिश की गई। मामले में एटा और मथुरा निवासी दो युवतियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच जारी है।

Jan 13, 2026 - 20:06
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आगरा में सरकारी सिस्टम पर बड़ा साइबर अटैक, सरकारी पहचान की नकल कर रची गई साजिश
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15वीं वाहिनी पीएसी के नाम से आईजी मुख्यालय को भेजा गया फर्जी ई-मेल, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

आगरा। आगरा की 15वीं वाहिनी पीएसी के नाम से आईजी स्थापना मुख्यालय को एक फर्जी ई-मेल भेजे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह मेल किसी भी सरकारी एनआईसी (nic.in) आईडी से नहीं भेजा गया, बल्कि पूरी तरह सुनियोजित साइबर साजिश के तहत तैयार किया गया था।

Hostinger सर्वर से भेजा गया मेल, Gmail तक पहुंचा Google MX से

तकनीकी जांच में सामने आया कि फर्जी ई-मेल Hostinger सर्वर के जरिए भेजा गया और Google MX सर्वर की मदद से उसे वैध दिखाते हुए जीमेल इनबॉक्स में डिलीवर कराया गया। यही वजह रही कि पहली नजर में मेल पूरी तरह सरकारी और प्रामाणिक प्रतीत हुआ।

सरकारी वेबसाइट जैसे दिखने वाले फर्जी डोमेन

जांच एजेंसियों ने पाया कि आरोपियों ने सरकारी वेबसाइट की तर्ज पर दिखने वाले कई फर्जी डोमेन भी तैयार किए थे। इन डोमेनों का उद्देश्य अधिकारियों को भ्रमित करना और मेल को अधिक विश्वसनीय बनाना था।

सेवा प्रकरण में अनुचित लाभ लेने की कोशिश

फर्जी ई-मेल के जरिए पीएसी के एक कर्मचारी के सेवा प्रकरण से जुड़ा मामला आगे बढ़ाने और उसमें अनुचित लाभ दिलाने का प्रयास किया गया। आशंका है कि यदि समय रहते ई-मेल की जांच न होती, तो सरकारी प्रक्रिया से छेड़छाड़ संभव थी।

एटा और मथुरा की दो युवतियां जांच के घेरे में

तकनीकी ट्रेसिंग के बाद ई-मेल से जुड़े सिम कार्ड का पता चला, जो एटा और मथुरा निवासी दो युवतियों के नाम पर जारी हैं। इन दोनों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

साइबर क्राइम थाना कर रहा गहन जांच

साइबर क्राइम पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। यह भी खंगाला जा रहा है कि इसके पीछे कोई संगठित साइबर गिरोह है या सरकारी तंत्र में सेंध लगाने की बड़ी साजिश।

सरकारी विभागों के लिए बड़ा अलर्ट

इस घटना ने साफ कर दिया है कि अब साइबर अपराधी केवल आम नागरिकों ही नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों और सुरक्षा बलों को भी निशाना बना रहे हैं। विभागीय ई-मेल सिस्टम और डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।