जिला पर्यावरण समिति की बैठक में उठे बड़े मुद्दे: संजय प्लेस में फुटपाथों पर कब्जों से सड़क पर चलने को मजबूर हैं लोग, नॊर्थ बाईपास के बावजूद शहर में भारी वाहनों का प्रवेश क्यों?, टीटीजेड में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी जोर

आगरा। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र संजय प्लेस में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक अव्यवस्था का मुद्दा अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। जिला पर्यावरण समिति की 15 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता केसी जैन ने इस अहम समस्या को उठाते हुए कहा कि फुटपाथों की बदहाल स्थिति के कारण लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे हादसों और जाम की स्थिति लगातार बन रही है। उन्होंने नॊर्थ बाईपास के बावजूद शहर में भारी वाहनों के प्रवेश और टीटीजेड में हरियाली बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया।

Apr 15, 2026 - 19:45
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जिला पर्यावरण समिति की बैठक में उठे बड़े मुद्दे: संजय प्लेस में फुटपाथों पर कब्जों से सड़क पर चलने को मजबूर हैं लोग, नॊर्थ बाईपास के बावजूद शहर में भारी वाहनों का प्रवेश क्यों?, टीटीजेड में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी जोर

फुटपाथ सुधार पर बनेगी पायलट योजना

बैठक में संजय प्लेस के फुटपाथों के मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने नगर निगम को निर्देशित किया कि संजय प्लेस में फुटपाथ सुधार की विस्तृत योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार की जाए और अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। अधिवक्ता केसी जैन ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने की सुविधा को नागरिकों का मौलिक अधिकार माना है, ऐसे में फुटपाथों की अनदेखी सीधे अधिकारों का उल्लंघन है।

बाईपास के बावजूद शहर में घुस रहे भारी वाहन

बैठक में 14 किलोमीटर लंबे नॉर्दर्न बाईपास के बावजूद भारी वाहनों के शहर में प्रवेश का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। अधिवक्ता जैन ने बताया कि 4 दिसंबर 2025 से चालू इस बाईपास का उद्देश्य बाहरी वाहनों को शहर से दूर रखना था, लेकिन अभी भी गैर-आगरा गंतव्य के ट्रक और भारी वाहन एनएच-19 से शहर के बीचोंबीच से गुजर रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि रैपुरा जाट (मथुरा साइड) और कुबेरपुर (फिरोजाबाद साइड) पर अनिवार्य डायवर्जन लागू किया जाए और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 115 के तहत अधिसूचना जारी कर बाहरी वाहनों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए। जिलाधिकारी ने इस विषय को परिवहन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।

टीटीजेड में हरित क्षेत्र बेहद कम

बैठक में पर्यावरण से जुड़ा एक और गंभीर मुद्दा उठाया गया। बताया गया कि ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में वर्तमान में मात्र 3 प्रतिशत वन क्षेत्र है, जबकि राष्ट्रीय औसत 22 प्रतिशत और लक्ष्य 33 प्रतिशत है।

अधिवक्ता जैन ने कहा कि पेड़ काटने की अनुमति और उसके बदले दस गुना पौधारोपण की शर्त, साथ ही सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने की बाध्यता के कारण किसान और निजी क्षेत्र वृक्षारोपण से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को सरल और व्यवहारिक बनाया जाए ताकि हरित क्षेत्र बढ़ाया जा सके और पर्यावरण सुधार को गति मिल सके।

SP_Singh AURGURU Editor