आगरा में इंटरनेशनल इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम की दिशा में बड़ा कदम, एडीए बोर्ड बैठक में बनी सहमति
एडीए की 151वीं बोर्ड बैठक में आगरा में इंटरनेशनल इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम की स्थापना की दिशा में सहमति बनी। बैठक में बजट, लॉजिस्टिक पार्क, आवासीय योजनाओं, सांस्कृतिक स्थलों और शहरी विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी और समीक्षा मिली।
एडीए बोर्ड बैठक में विकास परियोजनाओं, बजट, लॉजिस्टिक पार्क और आवासीय योजनाओं पर अहम फैसले
आगरा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी आगरा की ऐतिहासिक पहचान और खेल जगत में उभरती अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को देखते हुए शहर में एक इंटरनेशनल इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम की आवश्यकता पर गंभीरता से विचार किया गया। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की बोर्ड बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की स्थापना के लिए कार्यवाही आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।
मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय के लघु सभागार में आयोजित बैठक में सबसे पहले पिछली बोर्ड बैठक के निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि अर्बन सीलिंग विभाग से प्राप्त ग्राम ककरेठा, बोदला और सिकंदरा बहिष्ताबाद की भूमि का उपयोगिता के आधार पर नियोजन किया जाना है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इन भूमियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए अस्थायी पार्क, तारबंदी अथवा अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल किए जाएं। शास्त्रीपुरम योजना और यूपीएसआईडीसी क्षेत्र में वर्षा जल निकासी के लिए प्रस्तावित नाले के निर्माण पर चर्चा हुई। बताया गया कि इस संबंध में ईएफसी हो चुकी है और शीघ्र ही वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
बैठक में अमृत योजना के तहत जीआईएस आधारित महायोजना में चिन्हित टीओडी जोन के लिए उत्तर प्रदेश ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति-2022 के अनुसार जोनल डेवलपमेंट प्लान तैयार करने की जानकारी दी गई। ड्राफ्ट रिपोर्ट टेक्निकल इवोल्यूशन कमेटी को भेजी जा चुकी है। जूता प्रदर्शनी प्रशिक्षण एवं कल्याण केंद्र (शू प्लाजा) में रिक्त इकाइयों के आवंटन को लेकर व्यापार मंडलों से मिले सुझावों के आधार पर शासन को रिपोर्ट भेजे जाने की जानकारी दी गई। वहीं, मेहताब बाग की ग्यारह सीढ़ी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल विकसित करने के लिए एएसआई को एनओसी हेतु डीपीआर भेजी गई है।
शास्त्रीपुरम हाइट्स परियोजना के अंतर्गत 2, 3 और 4 बीएचके फ्लैटों के विक्रय पर चर्चा में बताया गया कि 336 फ्लैटों में से अब तक 93 फ्लैट बिक चुके हैं। मंडलायुक्त ने फ्लैटों की दरों की पुनः समीक्षा के निर्देश दिए। बैठक में लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना हेतु फिजीबिलिटी स्टडी का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें पार्किंग और अन्य सुविधाओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही, एडीए द्वारा संचालित सूरसदन प्रेक्षागृह को पीपीपी मॉडल पर फिक्स्ड रेवेन्यू शेयरिंग के आधार पर संचालित करने के प्रस्ताव की समीक्षा की गई। पूर्व निविदा में कोई बोली न आने पर व्यावहारिक दर तय कर पुनः निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 की 31 दिसंबर 2025 तक की वास्तविक आय 89,145.60 लाख और व्यय 54,338.87 लाख बताया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित आय 1,54,965 लाख और व्यय 1,17,475 लाख का बजट बोर्ड के समक्ष रखा गया।
आगरा शहर के विजन और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान के तहत कंसल्टिंग एजेंसी द्वारा सुझाए गए 132 प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी होने की जानकारी दी गई। ताज नगरी स्थित एडीए हाइट्स परियोजना के शेष 170 फ्लैटों को अलोकप्रिय संपत्ति मानते हुए बल्क सेल के माध्यम से विक्रय का प्रस्ताव रखा गया, जिसे गैर सरकारी सदस्यों की सहमति के बाद अनुमोदित किया गया।
बैठक में लंबे अंतराल के बाद अटलपुरम टाउनशिप और रायपुर रहनकला परियोजना की सराहना की गई। इसके अलावा इनर रिंग रोड द्वितीय चरण के नए टोल प्लाजा, अटलपुरम योजना की अवशेष भूमि अर्जन और ताजनगरी फेस-2 में ईडब्ल्यूएस आवासों के ध्वस्तीकरण की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मौली, सचिव श्रद्धा शांडिल्यायन, सहयुक्त नियोजक स्मिता निगम सहित गैर सरकारी सदस्य शिव शंकर शर्मा और नागेंद्र प्रसाद दुबे उपस्थित रहे।