आगरा के नगला पदी में भीषण आग, हार्डवेयर की दुकान में उठी लपटों की चपेट में मकान भी आया
आगरा। थाना न्यू आगरा के अंतर्गत नगला पदी में आज सुबह एक तीन मंजिला भवन में आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस भवन के भूतल पर हार्डवेयर की दुकान है जबकि ऊपरी मंजिलों में आवास है। दुकान से उठी आग की चिंगारी ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया है। मौके पर दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हुई हैं।

आगरा में हार्डवेयर की दुकान में लगी भीषण आग की तस्वीरें बता रही हैं कि सब कुछ राख हो चुका है।
हार्डवेयर की जिस दुकान में आग लगी है, वह नगला पदी के पटपरी पर स्थित है। इस दुकान को पूनम चौरसिया चलाती है। दुकान में हार्डवेयर के अलावा पेंट आदि भी रखा हुआ था। दुकान के ऊपर ही दो मंजिल और हैं, जो आवासीय है। यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि आग लगने की वजह क्या है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि हार्डवेयर की दुकान में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी। आग दुकान के अंदर फैली और हार्डवेयर सामान और पेंट आदि के डिब्बों के चपेट में आने से तेजी से भड़क उठी।
जब तक आग लगने का पता चला, लपटों ने पहली मंजिल में प्रवेश कर लिया था। जिस समय आग लगी, घर में कोई नहीं था क्योंकि कल दीवाली पर दुकान बंद करने के बाद पूनम चौरसिया अपनी बहन के घर चली गई थीं। सुबह साढ़े आठ बजे पड़ोसियों ने फोन पर पूनम को आग लगने की सूचना दी। इसके बाद वे मौके पर पहुंचीं। आसपास के लोग जुट गये और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास करने लगे। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फिर भी आग काबू में न आने पर तीसरी गाड़ी को बुलाया गया।
फायरकर्मियों ने पहले बाहर से पानी फेंककर घर के अंदर से निकलती लपटों को नियंत्रित किया और इसके बाद सीढ़ी लगाकर घर के अंदर पहुंचकर आग को बुझाया। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी, जिसे पुलिसकर्मी बार-बार पीछे कर रहे थे।
बता दें कि पटपरी के जिस इलाके में यह अग्निकांड हुआ है, वह बहुत घनी आबादी वाला और संकरा इलाका है। जिस हार्डवेयर की दुकान में आग लगी है, उसमें दीवाली से पहले ही न्यू आगरा पुलिस ने छापेमारी कर अवैध आतिशबाजी का जखीरा बरामद किया था। दुकान संचालिका ने यह आतिशबाजी बगैर लाइसेंस के भंडारित कर रखी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया था। अगर दुकान के अंदर आतिशबाजी भी रखी होती तो यह अग्निकांड और भीषण हो सकता था।
दुकान संचालिका पूनम चौरसिया के माता-पिता की मौत हो चुकी है जबकि उसका कोई भाई भी नहीं है। दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वे दोनों भी नगला पदी एरिया में ही रहती हैं। पूनम चौरसिया अकेले की दुकान संभाल रही थी और मकान में भी अकेले ही रहती थी। बीती रात भी उनकी दुकान देर तक खुली रही थी। इसके बाद वे दुकान को बंद कर अपनी बहन के घर चली गई थीं।
पूनम चौरसिया ने बताया कि इस अग्निकांड से उन्हें 30 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। घर में हुए नुकसान के बारे में वे देखकर ही बता पाएंगी। खबर लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हुए थे।