आगरा में यमुना किनारे जलाई गई लाखों की दवाएं, नकली दवा कारोबार से जुड़ाव पर उठे सवाल

आगरा। ताजनगरी में नकली दवाओं के खेल का एक और बड़ा मामला उजागर हुआ है। थाना ताजगंज क्षेत्र के नगला पैमा के पास नगला घड़ी स्थित यमुना किनारे जंगल में बड़ी संख्या में दवाइयों को जलाकर नष्ट किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जांच टीम से बस्ती के सहायक औषधि आयुक्त को हटाने के बाद अब दवाओं को जलाने का मामला सामने आने से यह मामला और गंभीर होता जा रहा है।

Aug 28, 2025 - 21:55
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आगरा में यमुना किनारे जलाई गई लाखों की दवाएं, नकली दवा कारोबार से जुड़ाव पर उठे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यमुना किनारे फेंकी और जलाई गई दवाओं में कई तरह की एंटीबायोटिक, एंटीलर्जिक और इंजेक्शन वाइल शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि दवाओं पर स्पष्ट रूप से किसी भी प्रकार का नॊट फॊर सेल अंकन नहीं है, जबकि वे सभी बड़ी और नामी कंपनियों की प्रोडक्शन बैच से जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं।

दवाओं पर लिखी एक्सपायरी डेट 2027 और 2029 दर्ज है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर ये दवाएं अभी वैध थीं तो आखिर क्यों इन्हें जंगल में ले जाकर जलाया गया? क्या यह मामला नकली दवाओं के बड़े रैकेट से जुड़ा हुआ है या फिर किसी तरह की गड़बड़ी को छुपाने का प्रयास किया गया है?

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह खुले में दवाओं को जलाकर नष्ट करना न सिर्फ पर्यावरण और यमुना नदी के लिए खतरा है, बल्कि इसमें किसी बड़े खेल की बू भी आती है। दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना कि अगर इन दवाओं के बैच नंबर की जांच हो तो पूरा मामला साफ हो सकता है।

पुलिस और औषधि विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि इस मामले में तत्काल जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह सिर्फ मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का मामला है या फिर नकली दवा कारोबार का कोई और बड़ा सबूत नष्ट किया जा रहा है।

हे मां मेडिको के गोदामों में मिली दवाओं की सूची बनाने के बाद ड्रग विभाग और यूपी एसटीएफ की टीम कल से ही बंसल मेडिकल स्टोर के गोदाम में रखी दवाओं की छानबीन करने में जुटी हुई है। इस मेडिकल स्टोर की दवाओं की भी सूची तैयार की जा रही है।

इधर जानकारी मिली है कि एसटीएफ ने हे मां मेडिको के संचालक हिमांशु अग्रवाल के सम्पर्क वाले लोगों की सूची तैयार की है। इन लोगों की संख्या चार दर्जन से अधिक बताई जा रही है। एसटीएफ अब इन लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।

इस जांच प्रक्रिया के दौरान कुछ दवा कारोबारी आज जिलाधिकारी से मिले और अनुरोध किया कि ड्रग विभाग और एसटीएफ द्वारा की जा रही जांच के दौरान दवा कारोबारियों की एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाए।

SP_Singh AURGURU Editor