आगरा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन

आगरा। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय कार्यालय आगरा में स्थापित करने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर फिर से प्रयास तेज हो गये हैं। इस दिशा में एक अहम पहल करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यसमिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. देवी सिंह नरवार ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और विस्तार से वार्ता की।

Jun 26, 2025 - 12:16
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आगरा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन
बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को ज्ञापन देते डॊ. देवी सिंह नरवार।  

डॉ. नरवार ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पिछले 26 वर्षों से प्रयास जारी हैं। शासन को इस दौरान तीन बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के पांच रीजनल ऑफिस मेरठ, बनारस, प्रयागराज, बरेली और गोरखपुर कार्यरत हैं, जबकि आगरा क्षेत्र को भी अलग कार्यालय की सख्त जरूरत है।

प्रस्ताव के अनुसार आगरा के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 15 जनपदों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा, झांसी, ललितपुर और जालौन (उरई) को शामिल किया जाएगा। इन जनपदों में 8,000 से अधिक सेकेंडरी स्कूल्स हैं और कक्षा 10 व 12 में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 11 लाख के करीब है।

डॉ. नरवार ने यह भी बताया कि आगरा के शाहगंज स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में खाली पड़े पुराने बीटीसी छात्रावास भवन के 30 कक्षों को कार्यालय के रूप में उपयोग में लाने का प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। प्रस्तावित क्षेत्रीय कार्यालय के समर्थन में संबंधित जनपदों के विद्यालयों में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और जागरूक नागरिकों से एक लाख से अधिक सिग्नेचर करवाकर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इस मांग को पूरी तरह न्यायोचित बताते हुए कहा कि वे लखनऊ पहुंचकर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती गुलाब देवी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस प्रस्ताव को हाई प्रायोरिटी बेसिस पर आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि माध्यमिक शिक्षा मंत्री भी इस आवश्यकता को स्वीकार कर चुकी हैं।

SP_Singh AURGURU Editor