यूपी में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा, आगरा समेत पश्चिमी यूपी एक अक्टूबर से खरीद शुरू
योगी सरकार ने प्रदेश के किसानों को खुशखबरी दी है। सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। इसके अलावा अलग-अलग तारीखों में पूर्वी और पश्चिमी यूपी में धान की खरीद भी शुरू हो जाएगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों को राहत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीद की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार का दावा है कि किसानों को राहत दिलाने और उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए इस बार कई बड़े कदम उठाए गए हैं। साथ ही सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ाने का एलान कर दिया है। वहीं, धान खरीद प्रक्रिया दो चरणों में होगी, जिसमें पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं।
प्रदेश सरकार के मुताबिक, पश्चिम यूपी के संभागों में 1 अक्टूबर से धान खरीद शुरू होगी, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। यह खरीद पश्चिम यूपी के मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़, झांसी संभाग में होगी। वहीं, लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जिले में भी धान खरीद इसी अवधि में होगी। इसी तरह पूर्वी यूपी के संभागों में 1 नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी यूपी के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी 1 नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी।
इतना ही नहीं, योगी सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी इस साल बढ़ा दिया है। धान (कॉमन) का मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल और धान (ग्रेड-ए) का मूल्य 2389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार का कहना है कि किसानों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत समय से भुगतान मिलेगा और पैसा सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। वहीं, धान बेचने के इच्छुक किसानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इसके लिए खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण की सुविधा दी गई है। किसानों को ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो चुकी है।
इसके अलावा सरकार की ओर से बताया गया कि 20 सितंबर तक करीब 10 हजार किसानों ने धान विक्रय के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करा लिया है। विभाग के अनुसार, पंजीकृत किसानों से ही धान की खरीद होगी। साथ ही खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए क्रय केंद्रों पर ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ परचेज) मशीनों के जरिए किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 18001800150 जारी किया है। इसके अलावा किसान अपने जिले के खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक स्तर के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क कर सकते हैं।