अमेरिका से तनाव पर मोदी का ऐक्‍शन, बनाईं कमेटियां, वाणिज्य मंत्रालय बना रहा योजना

अमेरिकी टैरिफ नीति से हालात बदले हैं। भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ने से तनाव है। मोदी सरकार हरकत में है। कामकाज आसान बनाने के लिए सरकार ने कई कमेटियां बनाई हैं। ये कमेटियां योजनाओं को तेजी से लागू करने पर ध्यान देंगी। निर्यातकों की मदद के लिए वाणिज्य मंत्रालय योजना बना रहा है।

Aug 30, 2025 - 21:02
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अमेरिका से तनाव पर मोदी का ऐक्‍शन, बनाईं कमेटियां, वाणिज्य मंत्रालय बना रहा योजना

नई दिल्‍ली। भारत के ल‍िए स्थितियां अचानक तेजी से बदल गई हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की टैरिफ नीति इसका कारण है। भारतीय सामानों पर अमेरिका में टैरिफ बढ़कर 50% हो गया है। इसने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा द‍िया है। इसे लेकर मोदी सरकार हरकत में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर नई पीढ़ी के सुधारों का आह्वान किया था। अब सरकार ने इस पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। सरकार ने दो जीओएम (मंत्रियों के समूह) और दो उच्च-स्तरीय कमेटियां बनाई हैं। इनका मकसद कामकाज को आसान बनाना और योजनाओं को तेजी से लागू करना है। नीति आयोग के सदस्य और पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गाबा इन पैनलों का नेतृत्व करेंगे। ये कमेटियां नागरिकों और व्यवसायों के लिए जीवन को आसान बनाने पर ध्यान देंगी। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करेंगी कि बड़ी योजनाएं और इन्‍फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ठीक से पूरे हों।

कैबिनेट सचिवालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, 10 सदस्यों वाली कमेटी गैर-वित्तीय नियामक सुधारों पर काम करेगी। यह कमेटी मौजूदा कानूनों, नियमों, रेगुलेशंस और सर्टिफिकेशन प्रोसेस की जांच करेगी। यह देखेगी कि ये कितने जरूरी और उपयोगी हैं।

नोटिफिकेशन में कहा गया है, 'यह काम सरकार की मौजूदा नीतियों के अनुसार होना चाहिए।' इसमें एमएसएमई, विदेशी व्यापार, बीआईएस और एफएसएसएआई जैसी सर्टिफिकेशन एजेंसियां, कंपनी अधिनियम के तहत नियामक अनुपालन और पर्यावरण और जल कानूनों पर ध्यान दिया जाएगा। कमेटी टैक्स अधिकारियों के साथ एंटिटी रजिस्ट्रेशन, कुछ कानूनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, सेल्फ-सर्टिफिकेशन के तरीकों और थर्ड-पार्टी इंस्पेक्शन पर भी विचार करेगी।

दूसरी कमेटी 'विकसित भारत' के टारगेट्स पर ध्यान देगी। इसमें कई मंत्रालयों के सचिव और पवन गोयनका शामिल हैं। पवन गोयनका भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र के अध्यक्ष हैं। यह पैनल आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत क्षेत्रों और योजनाओं की पहचान करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि ये राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ ठीक से जुड़े हों।

सूत्रों के अनुसार, दोनों उच्च-स्तरीय पैनलों ने गुरुवार को अपनी पहली बैठक की थी। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले अनौपचारिक मंत्री पैनलों के साथ मिलकर काम करेंगे।

कमेटी के सदस्यों में डीपीआईआईटी, व्यय, एमएसएमई और बिजली मंत्रालयों के सचिव शामिल हैं। सीआईआई, फिक्‍की और एसोचैम के महानिदेशक भी इसमें शामिल हैं। पवन गोयनका, एचआर फर्म के प्रमुख मनीष सभरवाल और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप इंडिया के चेयरपर्सन जनमेजय सिन्हा जैसे उद्योग जगत के लीडर्स भी पैनल का हिस्सा हैं।