ट्रंप टैरिफ के साए में मोदी का 2047 का सपनाः लाल किले से आत्मनिर्भर भारत की राह का घोष
साफ संकेत मिल रहे हैं कि ट्रंप टैरिफ झटकों ने भारत को नींद से जगा दिया है। आत्म सम्मान पर चोट लगी है और दोस्ती से विश्वास उठ गया है। पॉजिटिव बात ये है कि स्वाबलंबन से एक नया भारत निर्माण होगा। जल्दी ही तमाम अमेरिकन ब्रांड्स और सर्विसेज के विकल्प खोजे जाएंगे। जनता पार्टी के जॉर्ज फर्नांडिस ने कोका कोला को लात मारकर 77 (डबल सेवन कोल्ड ड्रिंक) के लिए मार्केट खोला था। देश के हिंदूवादी संगठन और स्वदेशी आंदोलन से जुड़े एक्टिविस्ट्स तुरंत सक्रिय हों और अमेरिका पर निर्भरता घटाने के अभियान में लग जाएं।
-बृज खंडेलवाल-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ युद्ध के दौर में आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर देते हुए 15 अगस्त, 2025 को 103 मिनट का अपना सबसे लंबा भाषण दिया। यह भाषण 2047 तक विकसित भारत के लिए एक रोडमैप पेश करता है, जिसमें स्वदेशी तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता दी गई है।
मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि भारत अब "खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे"—यह इशारा था सिंधु जल समझौते पर पुनर्विचार का। यह नीति ट्रंप के "अमेरिका फर्स्ट" के समान है, उन्होंने स्टील, एल्युमिनियम और दवाओं पर भारी टैरिफ लगाकर वैश्विक व्यापार को हिला दिया है।
भारत का रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य भी अमेरिका-चीन टकराव से उपजे संकट का जवाब है, क्योंकि ट्रंप ने चीनी टेक्नोलॉजी पर प्रतिबंध लगाकर वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित किया है। प्रधानमंत्री ने ₹1 लाख करोड़ के विकसित भारत रोजगार योजना और जीएसटी सुधारों की घोषणा की, ताकि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारत की ग्रोथ बनी रहे। भारत सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहनों में आत्मनिर्भरता पर ध्यान दे रहा है। 2025 तक भारत का पहला स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप बनने का ऐलान एक बड़ा कदम है। साथ ही, जेट इंजन और AI टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी युद्ध में एक स्वतंत्र खिलाड़ी बनाएगा।
मोदी ने 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा, जो ट्रंप के तेल और गैस आयात पर निर्भरता के विपरीत है। अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंध और चीन से सोलर पैनल्स पर टैरिफ लगाकर ऊर्जा बाजारों को अस्थिर किया, लेकिन भारत हरित ऊर्जा में आगे बढ़ रहा है।
समुद्र मंथन मिशन और हाइड्रोजन मिशन भारत को वैश्विक ऊर्जा संकट से बचाएंगे, क्योंकि ट्रंप की नीतियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं।
पीएम किसान योजना का विस्तार और डिजिटल कृषि ऋण से किसानों को राहत मिलेगी। मुद्रा लोन का 80% लाभ महिलाओं को मिलेगा और 2030 तक 50% महिला नेतृत्व का लक्ष्य रखा गया है। निश्चित ही ये कदम वैश्विक खाद्य संकट और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भारत को एक मिसाल बनाते हैं।
मोदी का आत्मनिर्भर भारत का सपना, ट्रंप के टैरिफ युद्ध के बीच एक मजबूत जवाब है। भारत स्वदेशी उत्पादन, ऊर्जा स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार पर ध्यान देकर आगे बढ़ रहा है।
2047 तक विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हम वैश्विक अशांति के बीच अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत रखें। मोदी की नीतियां भारत को एक आत्मनिर्भर, ताकतवर और न्यायपूर्ण राष्ट्र बनाने की राह दिखाती हैं। आज सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के सिद्धांत पर चलते हुए, भारत वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बना रहा है।