नेशनल चैम्बर ने सीएम योगी के सामने रखा आगरा के औद्योगिक विकास का रोडमैप, आईटी सिटी, कम यूपीसीडा शुल्क, ट्रेड सेंटर और टेक्सटाइल हब की मांग

आगरा। आगरा के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने आईटी सिटी की स्थापना सहित चार प्रमुख मांगें रखीं। चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आगरा में आईटी पार्क विकसित करने, यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्रों में लगाए जा रहे रखरखाव शुल्क को कम करने, विश्वस्तरीय ट्रेड सेंटर स्थापित करने और आगरा को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने चैम्बर द्वारा प्रस्तुत समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

Jul 26, 2026 - 20:23
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नेशनल चैम्बर ने सीएम योगी के सामने रखा आगरा के औद्योगिक विकास का रोडमैप, आईटी सिटी, कम यूपीसीडा शुल्क, ट्रेड सेंटर और टेक्सटाइल हब की मांग
रविवार को आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते नेशनल चैंबर के पदाधिकारी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा भ्रमण के दौरान चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने उनसे भेंट की। इस दौरान उन्होंने ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) में उद्योगों पर लगी बंदिशों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। चैम्बर ने 23 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ताज संरक्षित क्षेत्र में लगभग 400 औद्योगिक आवेदनों को अनुमति मिलने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मनोज कुमार बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से आगरा के उद्योगों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फैक्ट्रियों को गैस और बिजली आपूर्ति फिर से शुरू होने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आगरा के अधिकांश उद्योग सूक्ष्म और लघु श्रेणी के हैं, जिन्हें सरकारी संरक्षण और सुविधाएं मिलने से उद्योगों को नई ऊर्जा मिल सकती है।

आगरा में आईटी सिटी बनाने की मांग

चैम्बर अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को दिए चार सूत्रीय प्रतिवेदन में सबसे प्रमुख मांग आगरा में आईटी सिटी स्थापित करने की रखी। चैम्बर ने कहा कि आगरा आईटी उद्योग के लिए उपयुक्त स्थान है। यहां सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी बेहतर है। आगरा एनसीआर और नोएडा आईटी हब के नजदीक है। इसके अलावा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी करीब एक घंटे की दूरी पर है।

चैम्बर ने बताया कि आगरा में जमीन अपेक्षाकृत कम लागत पर उपलब्ध है और शिक्षा का बड़ा केंद्र होने के कारण यहां बड़ी संख्या में कुशल युवा मौजूद हैं। ताज संरक्षित क्षेत्र के कारण उद्योगों पर कई प्रतिबंध हैं, लेकिन आईटी उद्योग श्वेत श्रेणी में आने के कारण यहां आसानी से स्थापित हो सकते हैं।

चैम्बर ने आगरा में आईटी कॉन्क्लेव आयोजित करने तथा टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और एचसीएल जैसी बड़ी कंपनियों को आगरा में निवेश के लिए आकर्षित करने का सुझाव दिया। चैम्बर ने कहा कि आईटी उद्योग स्थापित होने से युवाओं का पलायन रुकेगा। वर्तमान में रोजगार के अभाव में 15 से 20 हजार युवा प्रतिवर्ष दूसरे शहरों की ओर जाते हैं।

चैम्बर ने मुख्यमंत्री से आगरा ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट आयोजित करने का भी आग्रह किया, जिसमें देश-विदेश के निवेशकों, उद्योगपतियों, निर्यातकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आमंत्रित किया जाए। इससे औद्योगिक निवेश, रोजगार, निर्यात और एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई गई।

यूपीसीडा शुल्क कम करने की मांग

चैम्बर ने यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में लगाए जा रहे रखरखाव शुल्क को कम करने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। चैम्बर के अनुसार यूपीसीडा द्वारा 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मेंटेनेंस चार्ज लिया जा रहा है। इसके कारण 1000 वर्ग मीटर भूमि पर प्रतिवर्ष लगभग 35 हजार रुपये का शुल्क देना पड़ रहा है।

चैम्बर ने कहा कि यह शुल्क नगर निगम द्वारा लिए जा रहे शुल्क से 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक है, जबकि यूपीसीडा द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाएं अपेक्षाकृत कम स्तर की हैं। इसके साथ ही जल निगम द्वारा भी जलकर के बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे उद्यमियों पर दोहरे शुल्क का भार पड़ रहा है।

चैम्बर ने मुख्यमंत्री से यूपीसीडा के रखरखाव शुल्क को कम करने और इसके बदले उद्योगों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।

आगरा में विश्वस्तरीय ट्रेड सेंटर की मांग

चैम्बर ने आगरा में विश्वस्तरीय ट्रेड सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री को दिया। चैम्बर ने कहा कि आगरा पर्यटन नगरी होने के साथ-साथ जूता, चमड़ा, हस्तशिल्प, ग्लास, मार्बल, इंजीनियरिंग, फाउंड्री और एमएसएमई उद्योगों का बड़ा केंद्र है।

प्रस्ताव में आधुनिक प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर, उत्पाद प्रदर्शन गैलरी, एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए बिजनेस सपोर्ट, प्रशिक्षण केंद्र, कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटल मीटिंग सुविधाएं, बैंकिंग, कस्टम, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की मांग की गई।

आगरा को टेक्सटाइल हब बनाने का सुझाव

चैम्बर ने आगरा को टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग भी रखी। चैम्बर ने कहा कि आगरा में प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक आते हैं, जिससे वस्त्र और परिधान उद्योग के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध है।

चैम्बर ने आधुनिक टेक्सटाइल पार्क, गारमेंट निर्माण इकाइयों और डिजाइन सेंटर की स्थापना का सुझाव दिया। इससे सूत, कपड़ा, प्रोसेसिंग, होम टेक्सटाइल, फैशन, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैम्बर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन को ध्यानपूर्वक सुना और सभी बिंदुओं पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही का भरोसा दिया।

SP_Singh AURGURU Editor