सुप्रीम कोर्ट के गुंबद पर 'राष्ट्रीय चिन्ह' की जरूरत पर सीजेआई सूर्यकांत बोले,   याचिका न डालें,   मुझे प्रशासनिक तौर पर लिख सकते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी इमारत के गुंबद पर भारत के 'राष्ट्रीय चिन्ह'स्थापित करने को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। सीजेआई की अगुवाई वाली अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा है कि अगर वे चाहें तो उन्हें प्रशासनिक स्तर पर चिट्ठी लिख सकते हैं।

Mar 23, 2026 - 18:35
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सुप्रीम कोर्ट के गुंबद पर 'राष्ट्रीय चिन्ह' की जरूरत पर सीजेआई सूर्यकांत बोले,   याचिका न डालें,   मुझे प्रशासनिक तौर पर लिख सकते हैं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी इमारत के गुंबद पर 'राष्ट्रीय चिन्ह'(अशोक के सारनाथ सिंह स्तंभ) स्थापित किए जाने को लेकर शुक्रवार को बहुत ही सकारात्मक संकेत दिया। भारत के चीफ जस्टिस  सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले में डाली गई एक याचिका लेकर याचिकाकर्ता से कहा कि इसके लिए याचिका डालने की आवश्यकता नहीं है और चाहें तो इसके लिए प्रशासनिक तौर पर विचार के लिए सीजेआई को चिट्ठी लिख सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट की इमारत पर 'राष्ट्रीय चिन्ह' स्थापित किए जाने वाली याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से सर्वोच्च अदालत से यह मांग की गई थी कि वह सुप्रीम कोर्ट की इमारत पर 'राष्ट्रीय प्रतीक' स्थापित करने के लिए निर्देश जारी करे।

इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने संकेत दिया कि सुप्रीम कोर्ट एक नई इमारत के निर्माण की प्रक्रिया में है और उस संदर्भ में इस मुद्दे पर विचार किया जा सकता है। सीजेआई ने कहा, 'हम नई इमारत बना रहे हैं, हम इसे तब देखेंगे।' लाइव लॉ ने यह रिपोर्ट दी है।

इस मामले में खुद पेश होते हुए याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच से पूछा, 'मौजूदा इमारत के बारे में क्या, सर?' इसपर सीजेआई ने भरोसा दिया कि इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा और सलाह दी की कि ऐसे अनुरोध न्यायिक प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि प्रशासनिक तरीके से आना चाहिए।

इसपर याचिकाकर्ता ने बताया कि वह मई 2025 में इस बारे में चीफ जस्टिस के कार्यालय को लिख चुके हैं और 27 नवबंर,2025 को जवाब मिला कि सुप्रीम कोर्ट अपने खुद के 'प्रतीक' का इस्तेमाल करता है। इसपर सीजेआई ने टिप्पणी की कि पहले का संचार एक आदेश के आलोक में 24 नवबंर,2025 को उनके कार्यकाल शुरू होने से पहले जारी किया गया था।

सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि इसे प्रसाशनिक स्तर पर देखे जाने की जरूरत है और सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को सक्षम अधिकारी के सामने इस संबंध में नोट पेश करने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत का निर्माण दो चरणों में होना है। इसकी आधारशिला भारत के तत्कालीन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने 15 अक्टूबर, 2024 को रखी थी। इसका पहले चरण के निर्माण में 29 महीने का लक्ष्य रखा गया है। पांच मंजिलों वाली सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत सर्वोच्च न्यायालय के मॉजूदा परिसर में ही हो रहा है, जिसका बिल्ट अप एरिया 86,500 वर्ग मीटर होगा।