दयालबाग चौकी इंचार्ज लाइन हाज़िर, डीसीपी सिटी की सख़्त कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली
आगरा। पुलिस विभाग में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दयालबाग चौकी इंचार्ज जोगेश्वर सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया गया है। यह सख़्त कदम डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास द्वारा विवेचनाओं में लापरवाही और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है। कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
आगरा। पुलिस विभाग में जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दयालबाग चौकी इंचार्ज जोगेश्वर सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया गया है। यह सख़्त कदम डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास द्वारा रिश्वतखोरी, विवेचनाओं में लापरवाही और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है। कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
दयालबाग चौकी प्रभारी जागेश्वर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक युवक को चौकी में अवैध रूप से बैठाकर छोड़ने के नाम पर दस हजार रुपये मांगे। इस संबंध में एक कार्यकर्ता ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया से शिकायत की। जिलाध्यक्ष ने मामले की पुष्टि के लिए स्वयं डीसीपी सिटी से बात की और चौकी इंचार्ज को पैसे देने को कहा। रुपये मिलते ही युवक को छोड़ दिया गया।
घटना की जानकारी मिलने पर डीसीपी सिटी अली अब्बास ने चौकी प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और रकम वापस न करने पर जेल भेजने की चेतावनी दी। इसके बाद जागेश्वर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। बताया गया कि इससे पहले भी जागेश्वर सिंह को बुंदू कटरा चौकी से विवादों में रहने पर हटाया गया था।
जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया के अनुसार कुछ दिन पहले अवधपुरी चौकी पर भी एक दरोगा ने युवक को अवैध रूप से बैठाकर पैसे लिए थे, शिकायत पर उसे भी लाइन हाजिर किया गया। उससे पहले एकता चौकी पर कंप्यूटर ऑपरेटर से पैसे लेने का मामला सामने आया था, वहां भी केवल लाइन हाजिर की कार्रवाई हुई, लेकिन किसी पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ।
भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि केवल लाइन हाजिर करने से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा। रिश्वत लेने और अवैध हिरासत जैसे गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज होना चाहिए, ताकि पुलिस तंत्र में स्पष्ट संदेश जाए।