बरेली में जींस-टॉप में नौ लड़कियां भीख मांगते पकड़ी गईं, पुलिस को गिरोह होने का संदेह
बरेली। जिले के आंवला-बदायूं रोड पर उस समय अजीब की स्थिति पैदा हो गई जब जींस-टीशर्ट और टॉप पहने नौ युवतियां सड़क से गुजरते राहगीरों को रोककर आर्थिक मदद की गुहार लगाने लगीं। युवतियों की बातों में आकर कुछ राहगीरों ने उन्हें 100–200 रुपये तक दे दिए, लेकिन कुछ को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
-आर्थिक मदद के बहाने राहगीरों से वसूली, शांतिभंग में सभी पर कार्रवाई
पुलिस मौके पर पहुंची और सभी युवतियों को थाने ले जाकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि ये सभी युवतियां गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली हैं और बरेली कैसे पहुंचीं, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। पुलिस ने इनके खिलाफ शांति भंग का मामला दर्ज कर सभी को एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
पकडी गई युवतियां उर्मी (28), नीतू (25), कुसुम (25), अंजलि (21), सुनीता (26), रीना (20), मनीषा (20), पूनम (25) और टीना (26) हैं।
सीओ आंवला नितिन कुमार ने बताया कि युवतियों के बयानों से मामला संदिग्ध लगा, इसलिए कानूनी कार्रवाई की गई। थाना आंवला के प्रभारी कुंवर बहादुर सिंह ने कहा कि युवतियों का यह कृत्य कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाला है।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं बल्कि किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकती है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की इमोशनल वसूली करता है। कुछ लोगों ने यह आशंका भी जताई कि अगर कोई मदद न करे, तो ये झूठे आरोप भी लगा सकती हैं।