इंदिरा गांधी पर आपत्तिजनक पोस्ट: रिपोर्ट न भेजने पर न्यू आगरा थाना प्रभारी को कोर्ट का नोटिस
आगरा। भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में पुलिस की लापरवाही पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मृत्युंजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने न्यू आगरा थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 4 जून 2025 को व्यक्तिगत रूप से आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
-मामले में अब आगामी 4 जून को होगी सीजेएम कोर्ट में सुनवाई
न्यायालय ने यह नोटिस इसलिए जारी किया क्योंकि 27 मई को दाखिल वाद पर मांगी गई स्पष्ट आख्या नियत तिथि तक थाना द्वारा प्रस्तुत नहीं की गई। सीजेएम ने आदेश में कहा है कि पुलिस की यह उदासीनता न्यायालय के आदेश की अवहेलना है, जिस पर जवाबदेही तय की जाएगी।
मामला राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जितेंद्र उर्फ जीतू ठाकुर नामक व्यक्ति ने 11 मई 2025 को सोशल मीडिया पर स्व. इंदिरा गांधी के विरुद्ध बेहद आपत्तिजनक और मानहानिपूर्ण पोस्ट की थी। इसकी लिखित शिकायत 13 मई को न्यू आगरा थाने में दी गई थी, लेकिन 15 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद अधिवक्ता शर्मा ने 174(3) सीआरपीसी के तहत 27 मई को सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। कोर्ट ने उसी दिन पुलिस से रिपोर्ट तलब करते हुए 30 मई की तारीख तय की थी। नियत तिथि पर रिपोर्ट प्रस्तुत न करने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और संबंधित थाना प्रभारी से जवाब मांगा है कि अदालत के निर्देश का पालन क्यों नहीं किया गया।
अब 4 जून को कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें थाना प्रभारी को स्पष्टीकरण देना होगा।